रमज़ान के हर दिन की दुआएं (अरबी, हिंदी अनुवाद और अर्थ सहित)
परिचय:
रमज़ान इस्लाम का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस दौरान मुसलमान रोज़ा रखते हैं, इबादत करते हैं और अल्लाह से मग़फिरत (क्षमा) मांगते हैं। इस महीने की हर रात खास होती है और हर दिन के लिए अलग-अलग दुआएं पढ़ने की परंपरा है। यह दुआएं इबादत को अधिक फलदायी बनाती हैं और अल्लाह की रहमत पाने में मदद करती हैं।
आइए जानते हैं रमज़ान के हर दिन की खास दुआ, उसका अरबी मूल, हिंदी अनुवाद, और अर्थ।
पहला अशरा (रहमत – दया के 10 दिन)
रमज़ान के पहले 10 दिन अल्लाह की रहमत (दया) के लिए होते हैं। इस दौरान की गई इबादत और दुआओं से अल्लाह की कृपा प्राप्त होती है।
1. पहला दिन
अरबी:
اللهم اجعل صيامي فيه صيام الصائمين وقيامي فيه قيام القائمين
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा अजअल सियामी फीहि सियाम अस-साइमीन, वा क़ियामी फीहि क़ियाम अल-क़ाइमीन”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मेरा रोज़ा सच्चे रोज़ेदारों जैसा बना और मेरी इबादत को नेक बंदों की इबादत जैसा बना।”
2. दूसरा दिन
अरबी:
اللهم قربني فيه الى مرضاتك وجنبني فيه من سخطك ونقماتك
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा क़र्रिबनी फीहि इला मरजातिका वाज्जनिबनी फीहि मिन सख़तिक व नक़मातिक”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मुझे अपनी खुशी के करीब कर और अपने गुस्से व सज़ा से बचा।”
3. तीसरा दिन
अरबी:
اللهم ارزقني فيه الذهن والتنبيه و باعدني فيه من السفاهة و التمويه
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा रज़ुक़नी फीहि अज़-ज़िह्ना व अत-तनबीह, व बाअिदनी फीहि मिन अस-सफाहति व अत-तमविह”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मुझे समझदारी और जागरूकता दे, और मुझे मूर्खता से दूर रख।”
4. चौथा दिन
अरबी:
اللهم قوّني فيه على إقامة أمرك وأذقني فيه حلاوة ذكرك
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा क़व्विनी फीहि अला इक़ामति अम्रिका व अजिक़नी फीहि हलावत ज़िक्रिका”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मुझे अपने आदेशों को पूरा करने की ताकत दे और अपने ज़िक्र की मिठास चखने का सौभाग्य दे।”
5. पांचवां दिन
अरबी:
اللهم اجعلني فيه من المستغفرين و اجعلني فيه من عبادك الصالحين القانتين
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा अजअलनी फीहि मिन अल-मुस्तग़फिरीन व अजअलनी फीहि मिन इबादिक अस-सालिहीन अल-क़ानितीन”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मुझे माफी मांगने वालों में और अपने आज्ञाकारी और नेक बंदों में शामिल कर।”
दूसरा अशरा (मग़फिरत – क्षमा के 10 दिन)
यह 11वें से 20वें दिन तक का समय होता है, जिसमें अल्लाह से माफी मांगने पर जोर दिया जाता है।
11. ग्यारहवां दिन
अरबी:
اللهم حبب إلي فيه الإحسان و كره إلي فيه الفسوق و العصيان
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा हब्बिब इलाईया फीहि अल-इहसान, व कर्रिह इलाईया फीहि अल-फुसूक़ व अल-असियान”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मुझे भलाई से प्यार करने वाला बना और मुझे पाप और अवज्ञा से नफरत करने वाला बना।”
12. बारहवां दिन
अरबी:
اللهم زينّي فيه بالستر و العفاف و استرني فيه بلباس القنوع و الكفاف
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा ज़य्यिननी फीहि बिस-सित्र व अल-इअफाफ, व स्तुरनी फीहि बिलिबास अल-क़नूअ व अल-क़फाफ”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मुझे हया और पवित्रता से सज्जित कर और संतोष व संयम के वस्त्र से ढंक दे।”
तीसरा अशरा (नजात – नर्क से मुक्ति के 10 दिन)
21वें से 30वें दिन तक का समय नर्क से बचने और जन्नत पाने की दुआ करने का होता है।
21. इक्कीसवां दिन
अरबी:
اللهم اجعل لي فيه إلى مرضاتك دليلا و لا تجعل للشيطان فيه علي سبيلا
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा अजअल ली फीहि इला मरजातिका दलीला व ला तजअल लिश्शैतान फीहि अलय्य सबीला”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मुझे अपनी खुशी की ओर मार्गदर्शन करने वाला बना और शैतान को मुझ पर हावी मत होने दे।”
22. बाईसवां दिन
अरबी:
اللهم افتح لي فيه أبواب فضلك و أنزل عليّ فيه بركاتك
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा इफ्तह ली फीहि अबवाब फज़्लिक व अन्जिल अलय्या फीहि बरकातिक”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! अपने फज़ल के दरवाजे मुझ पर खोल दे और अपनी बरकतें मुझ पर नाज़िल कर।”
30. तीसवां दिन
अरबी:
اللهم اجعل صيامي فيه بالشكر و القبول على ما ترضاه و يرضاه الرسول
हिंदी अनुवाद:
“अल्लाहुम्मा अजअल सियामी फीहि बिश्शुक्रि व अल-क़बूल अला मा तरदाहु व यरदाहु अर-रसूल”
अर्थ: “ऐ अल्लाह! मेरे रोज़े को स्वीकार कर और इसे वैसा बना जैसा तुझे और तेरे रसूल को पसंद है।”
निष्कर्ष:
रमज़ान की ये दुआएं आत्मा की पवित्रता बढ़ाने, अल्लाह की रहमत पाने, माफी मांगने और जन्नत हासिल करने का एक ज़रिया हैं। हर मुसलमान को इस महीने में इन दुआओं को पढ़ने की कोशिश करनी चाहिए ताकि रोज़े का असली मकसद पूरा हो सके।
क्या आपने रमज़ान की इन दुआओं को अपनाया है? अपने अनुभव हमें कमेंट में बताएं!
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