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जालना में ‘यौमुल फुरकान’ पर इस्लामी एकता का संदेश देंगे डॉ. जावेद मुकर्रम

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जालना में ‘यौमुल फुरकान’ पर इस्लामी एकता का संदेश देंगे डॉ. जावेद मुकर्रम

जालना। ‘यौमुल फुरकान का पैग़ाम मिल्लत-ए-इस्लामिया के नाम’ विषय पर एक सार्वजनिक इस्लामी भाषण का आयोजन आगामी
17 मार्च, सोमवार को किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के प्रसिद्ध इस्लामी विद्वान
डॉ. जावेद मुकर्रम साहब (रुक्न शूरा, जमाअत-ए-इस्लामी हिंद, महाराष्ट्र)
मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करेंगे।

यह आयोजन नमाज़-ए-तरावीह के बाद रात 10:15 बजे,
मस्जिद रेलवे स्टेशन, जालना में होगा।

क्या है यौमुल फुरकान?

यौमुल फुरकान’ उस ऐतिहासिक दिन को कहा जाता है जब
ग़ज़वा-ए-बदर (Battle of Badr) में हक़ (सत्य) और बातिल (असत्य) के बीच निर्णायक युद्ध हुआ था। यह इस्लामी इतिहास की
पहली और महान लड़ाई थी, जिसमें
अल्लाह तआला ने सच्चाई को जीत और झूठ को हार दी। इसी दिन को यौमुल फरकान (सत्य और असत्य के बीच फ़र्क़ करने वाला दिन) कहा जाता है।

समाज को संदेश

इस आयोजन का उद्देश्य कुरआन के अमन, इंसाफ और एकता के पैग़ाम को समाज तक पहुंचाना है।
कार्यक्रम के माध्यम से इस्लामी विचारधारा को मजबूती, और आपसी भाईचारे का माहौल बनाने की प्रेरणा दी जाएगी।

जमाअत-ए-इस्लामी हिंद जालना द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में नागरिकों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।

प्रवेश सभी के लिए निःशुल्क और खुला है।

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Imran Siddiqui

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