* चौक मस्जिद मदरसे में सालाना जलसा संपन्न

जालना: आज का यह दौर बेहयाई का दौर है तथा दीन से दूर होकर लोग भी नैतिकता भूल चूक है. आने वाली नस्लों को इस बेहयाई से बचाने तथा उन्हें नैतिक रूप से जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए जरुरी है की उन्हें स्कूली तालीम के साथ ही दीनी तालीम हासिल करने के लिए मदरसों में भेजा जाए. यह प्रतिपादन मौलाना हसन रमजानी ने किया.

मदरसा सैयदना हज़रत अली (रज़ी) चौक मस्जिद कद्राबाद का १० वा सालाना जलसा रविवार की शाम को मगरिब की नमाज के बाद संपन्न हुआ. इस समय मौलाना हसन रमजानी ने अपनी बात रखी.
कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना हसन मिल्ली ने की जबकि अल्हाज मुहम्मद अब्दुल्लाह विशेष रूप से मौजूद थे.
इस समय मौलाना हसन मिल्ली ने कहा कि समाज में सुधार लाने और बच्चों के भविष्य को बनाने के लिए जरुरी है की केवल स्कूलों तक सीमित न रखा जाए. स्कूल की पढाई भले ही दुनिया के लिए जरुरी हो लेकिन आखिरत में सफलता हासिल करने के लिए दीनी इल्म का हासिल किया जाना जरूरी है. इसी से समाज में पनप रही बुराइयों को दूर किया जा सकेगा.

कार्यक्रम की शुरुआत हाफिज एजाज ने कुरान की तिलावत से की. इस समय मदरसे में पढने वाले २४ छात्रों ने अपना तालीमी मुजाहेरा किया. इस समय छात्रों को इनामात और प्रमाणपत्र से नवाजा गया. इस जलसे को सफल बनाने के लिए कादराबाद मस्जिद के पदाधिकारी और मदरसे के शिक्षकों सहित युवाओं ने प्रयास किया.

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