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मुसलमान नाउम्मीद हुए बगैर, सब्र और हिकमत से देश को बता दे की तरक्की क्या होती Without losing hope, Muslims should show the country with patience and wisdom what progress means

* अमल और किरदार से नफरती माहौल का खात्मा करे
* शहर के विविध ईदगाहों और मस्जिदों में ईद की नमाज के पहले जागृत नागरिक बनने को लेकर मार्गदर्शन
* फिलिस्तीनियों पर हो रहे जुल्म को लेकर ईद सादगी से मनाने का संकल्प

जालना: दौर आते हैं और जाते हैं, यह हमारे इम्तिहान की घड़ी है. लेकिन सच्चाई यह है कि जब-जब हिंदुस्तान के मुसलमानों ने नाउम्मीद हुए बिना, सब्र और हिकमत से काम करते हुए, निडरता से अपने देश को एकजुट करने का संकल्प लिया, तब-तब सफलता ने उनके कदम चूमे हैं.  इसलिए आज सभी को जरूरत है कि वे जजबाती हुए बगैर  अपने देश की एकता को बनाए रखने में योगदान दें.  उच्च शिक्षा हासिल करने के साथ-साथ दीनी शिक्षा के माध्यम से अपने जीवन को नैतिक मूल्यों से जोड़ें. एक अच्छे नागरिक के रूप में अपना वोट डालें और अपने अधिकारों को पहचानकर उनका उपयोग करें.

आज रमजान ईद के अवसर पर, शहर की सभी ईदगाहों और विभिन्न मस्जिदों में ईद की नमाज से पहले इस प्रकार का मार्गदर्शन किया गया. जालना शहर में ईद के चांद के दीदार के बाद से ही उत्साह दिखाई दिया. देर रात तक बाजार में आवश्यक सामानों की खरीदारी के बाद, आज सुबह लोग अपने रब का शुक्रिया अदा करने और ईद की नमाज अदा करने के लिए पहुंचे.

जालना शहर के सदर बाजार ईदगाह में, मुफ्ती फहीम ने मार्गदर्शन करते हुए लोगों से निराश न होने और अपने अधिकारों का उपयोग करके देश को फिर से शांति और सुकून का देश बनाने में अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि जब भी देश को जरूरत पड़ी, मुसलमानों ने अपना योगदान दिया है और आज के समय में सब्र और हिकमत से काम लेते हुए, मुसलमानों को निडर होकर देश को तोड़ने वालों की साजिशों को विफल करते हुए, सभी धर्मों और समाजों के लोगों को एकजुट करने का काम करना चाहिए. फिरौन और नमरूद जैसे शासक नष्ट हो गए क्योंकि उस समय की कौमों ने अल्लाह के आदेशों का पालन किया था. आज हमें भी कुरान और हदीस के अनुसार अमल करते हुए अपने आचरण से दुनिया को यह दिखाना होगा कि हमारी कौम एकजुट करने वाली है, न कि तोड़ने वाली.  मुफ्ती फहीम ने यह भी कहा कि फिलिस्तीनियों पर पिछले छह महीने से अत्याचार हो रहे हैं, इसलिए सभी को ईद को सादगी से मनाना चाहिए. ईद के दिन पिकनिक मनाने के बजाय, मजलूमों के लिए दुआ करनी चाहिए और इजराइली सामानों का बहिष्कार करना चाहिए. सदर बाजार ईदगाह में काजी नुरुद्दीन ने ईद की नमाज पढ़ाई.

हाफिज शब्बीर अहमद ने कदीम जालना ईदगाह में ईद की नमाज अदा की. यहां, इकबाल पाशा ने नागरिकों को मार्गदर्शन देते हुए अपील की कि देश के संविधान ने हमें जो वोट का अधिकार दिया है, उसे लापरवाही के बिना उपयोग करें. उन्होंने फ़िरकापरस्त लोगों को सचेत किया कि उनकी सोच पूरी तरह गलत है और भारत के मुसलमानों ने देश के निर्माण में जो योगदान दिया है, वह अमूल्य है उसे भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने कहा कि आज मुसलमान अपने किरदार से देश को जोड़ने में सभी का दिल जीत लेंगे और यह नजारा पूरी दुनिया देखेगी. मुतवली शाह आलम खान  के नेतृत्व में नमाजियों के लिए यहां विशेष व्यवस्था की गई थी. जालना जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल, पुलिस अधीक्षक अजय बंसल, अप्पर पुलिस अधीक्षक आयुष नोपाणी उपविभागीय पुलिस अधिकारी अनंत कुलकर्णी, निवासी उपजिलाधिकारी सोहल वयाल, पूर्व विधायक डॉ कल्याण काले,  शेख महमूद, आमेर पाशा, नंदू जांगडे, तैय्यबबापू देशमुख, बदर चाऊस, पूर्व नगरसेवक अय्युब खान, राजेंद्र राख, आबा पाटील दानवे,  शब्बीर अंसारी, शेख मुजीब, फिरोज अली मौलाना, इनायत मामू, मिर्जा अनवर बेग, शेख माजेद, मोहन इंगले, अविनाश कव्हले, ज्ञानेश्वर भांदरगे, बद्री पठाडे सहित बड़ी संख्या में लोगों ने ईद की बधाई दी.

* मस्जिद दरगाह राजाबाग शेर सवार में भी ईद की नमाज का उत्साह देखने को मिला.  यहाँ हाफिज नौशाद रजा ने ईद की नमाज पढ़ाई. दरगाह के मुतवल्ली सैयद जमील मौलाना ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि देश में आज जो नफरत का माहौल बनाया गया है, उसे मुसलमानों को अपने अमल और किरदार से खत्म करना होगा. उन्होंने एक बार फिर उच्च दर्जे की शिक्षा हासिल करने पर जोर दिया और मुसलमानों से आर्थिक और शारीरिक रूप से स्वयं को मजबूत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि अंग्रेजी शिक्षा हासिल करें लेकिन यह भी ध्यान रखें कि दीनी शिक्षा, जो असली शिक्षा है, उसे भी हासिल करें. उन्होंने यह भी कहा कि आज के दौर में हर घर में कम से कम एक हाफिजे कुरान और आलिमे दीन का होना जरूरी है.

ईदगाह रहमानिया, गांधी नगर में हाफिज असरार ने ईद की नमाज पढ़ाई. इस अवसर पर मौलाना अनसार ने देश में आपसी भाईचारे को बढ़ाने की बात पर जोर दिया. ईदगाह के सदर, अकबर खान बने खान ने लोगों से अपील की कि सीएए और एनआरसी से परेशान होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने सब्र और हिकमत से काम लेने और अपने वोटिंग के अधिकार का सही उपयोग करने की सलाह दी. इस दौरान अमजद खान, सादिक खान, आरिफ खान, हाजी मसूद, शेख जावेद, हाजी मुनीर आदि उपस्थित थे.

* ईदगाह रहमानिया में हिंदू समुदाय के लोगों ने आपसी भाईचारे की भावना को बढ़ावा देते हुए, गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए मट्ठा और शीतल पेय का वितरण किया. इस अवसर पर देवीदास जाधव, समाजसेवी अमजद खान, गणेश बाबले, राहुल और मातोश्री ग्रुप के सभी पदाधिकारी उपस्थित थे.

* गुलजार मस्जिद के पेश इमाम, मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही ने लोगों को ईद की नमाज़ का महत्व समझाया और यह भी कहा कि रमजान माह की तरह ही  अब सभी को पांच वक़्त की नमाज़ का एहतेमाम करना चाहिए. उन्होंने सभी से फिलिस्तीनियों के हक़ में दिन-रात दुआ करने की अपील भी की.

शहर की चंदनझीरा ईदगाह और विभिन्न मस्जिदों में ईद की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे. नमाज अदा करने के बाद, सभी ने एक दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद दी. इस अवसर पर, सभी धर्मों और समुदायों के लोग भी ईद की शुभकामनाएं देने के लिए ईदगाह पहुंचे थे.
* ईद की नमाज अदा करने के बाद, लोगों ने शहर के विभिन्न कब्रिस्तानों में जाकर कब्रों की जियारत की और फूल चढ़ाए. कब्रिस्तान के बाहर, फूल विक्रेताओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज की थी.

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Imran Siddiqui

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