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हुजूर की पैदाइश का समय दुआओं की कबूलियत का वक्त – जमील मौलाना 

2609-jalna-09

जालना: सदियों से बारह रबीउल अव्वल को मिलादुन्नबी मनाने का तरीका रहा है. सुबह को जो वक्त है वो हुजुर (सअ) की पैदाइश का समय है. इस दिन सुबह सादिक का जो समय होता है वो दुआओं की कबूलियत का वक्त होता है. हर साल की तरह इस साल भी रजा अकादमी की ओर से २८ सितंबर गुरुवार की सुबह चार बजे दरगाह राजा बाग शेर सवार में महफिले मिलाद के आयोजन के साथ ही मुए मुबारक के दीदार भी कराए जाएंगे. यह जानकारी मराठवाड़ा अध्यक्ष सैय्यद जमील मौलाना ने दी. 

जमील मौलाना ने बताया की गुरुवार की सुबह ४ बजे से रजा अकादमी जालना द्वारा दरगाह राजा बाग शेर सवार परिसर में  महफिले मिलाद संपन्न होगा. इस समय तिलावत ए कुरान, नात ए पाक, मौलूद शरीफ पढ़ा जाएगा. पैगंबर मोहंमद (सअ) फजाएल, इखतियारात, फैजान का बयान किया जाएगा. कुरान खानी, खत्में शरीफ, सलातो साला के साथ ही इजतेमाई दुआ होगी. 

फजर की अजान सुबह ५.१५ बजे तथा जमात ५.४० बजे खड़ी होगी. फज्र के बाद से लगाकर ६ बजकर १५ मिनट तक मुए मुबारक की जियारत कराई जाएगी.

इस अवसर पर अकीदतमंदों को बडी संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान दरगाह के मुतवल्ली तथा रजा अकादमी के मराठवाड़ा अध्यक्ष सैय्यद जमील मौलाना ने किया है.


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Imran Siddiqui

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