सूरह यासीन जिसे यासीन शरीफ भी कहा जाता है। ये क़ुरान की 36 वीं सूरह हैं सूरह यासीन में कुल 83 आयतें हैं। सूरह यासीन क़ुरान शरीफ की सबसे अफ़ज़ल सूरह में से एक सूरह हैं। सूरह यासीन को क़ुरान का दिल भी कहा जाता हैं क्यूंकि इस सूरह में इस्लाम से जुडी सारी ज़रूरी बातें जो इंसान को नेकी की रह पर ले जाती हैं और इंसान को गुनाहो से बचाती हैं वह शामिल हैं।
सूरह यासीन कौनसे पारे में हैं?
सूरह यासीन क़ुरान शरीफ के 22 वे पारे से शुरू होती हैं और 23 वे पारे में ख़त्म होती हैं। बाज़ारों दुकानों पर यासीन शरीफ की किताबें मिल जाती हैं जिसे खरीद कर रोज़ाना यासीन शरीफ की तिलावत की जाये और अपनी ज़िन्दगी को संवारा जाये।
सूरह यासीन कब नाज़िल हुई थी?
जब मक्का में काफिर एक अल्लाह की इबादत नहीं कर रहे थे और पैगंबर हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का मज़ाक उड़ाते थे और उन पर ज़ुल्म करते थे तब मक्का में सूरह यासीन नाज़िल हुई थी।
सूरह यासीन किसके बारे में हैं?
सूरह यासीन में एक अल्लाह का ज़िक्र, इंसान को सही रास्तों पर चलने की नसीहतें, जो लोग अल्लाह को नहीं मानते उनके लिए चेतावनी, पैगंबर हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की बताई बातें मानना और आखिर में क़यामत के दिन की कुछ बातें शामिल हैं।
सूरह यासीन को याद कैसे किया जाये?
सूरह यासीन थोड़ी बड़ी सूरह हैं लेकिन इसको याद करना बहुत आसान हैं। अगर आप Surah Yaseen पूरा याद करना चाहते हो तो रोज़ाना इसे सुने और उसे याद करने की कोशिश करें इंशाल्लाह 5 से 10 दिनों में आपको पूरी यासीन शरीफ याद हो जाएगी। अगर आपको फिर भी वक़्त लग रहा है तो रोज़ाना Yaseen Sharif पढ़ते रहे अल्लाह के फ़ज़लों करम से आपको सूरह यासीन जल्द याद हो जाएगी। आप कोशिश करें की थोड़ा थोड़ा याद करें। एक बार एक पेज याद हो जाता हैं तो दूसरा पेज याद करने की कोशिश करें। जिससे आपको पूरी यासीन शरीफ याद करने में आसानी होगी।
सूरह यासीन सुने और याद करने की कोशिश करे
यासीन शरीफ पढ़ने के फायदे

- एक हदीस के मुताबिक जो शख्स Surah Yaseen सिर्फ एक मर्तबा पड़ेगा उसे पुरे दस क़ुरान शरीफ पढ़ने जितना सवाब हासिल होगा।
- किसी शख्स की कब्र पर अगर Yaseen Sharif पढ़ा जाये तो फ़रिश्ते उसकी सज़ाये माफ़ करने के लिए अल्लाह से दुआएं करते हैं।
- अगर कोई किसी बीमारी से परेशान हो तो उसे चाहिए की रोज़ाना यासीन शरीफ पढ़े इंशाअल्लाह बीमारी से शिफा मिलेगी। अगर बीमार आदमी खुद नहीं पड़ सकता है तो घर वालों में से कोई एक यासीन शरीफ पढ़ कर पानी में दम करके वह पानी मरीज़ को पिला दे उसकी बीमारी जड़ से खत्म हो जाएगी।
- अगर कोई किसी मुसीबत में फँस गया हैं तो उसे चाहिए की सूरह यासीन पढ़े इंशाअल्लाह मुसीबत दूर हो जाएगी।
- रोज़ घर से निकलने से पहले Surah Yaseen पढ़ कर निकले पूरा दिन अच्छे से निकलेगा और आप बालाओं और परेशानियों से महफूज़ रहेंगे।
- अपने गुनाहों से माफ़ी मांगने के लिए Yaseen Sharif पढ़ कर अल्लाह से दुआ करें अल्लाह आपके गुनाह माफ़ कर देगा।
- जो शख्स रात को यासीन शरीफ पढ़ कर सोयेगा उसे बुरे ख्वाब या किसी भी तरह का डर महसूस नहीं होगा साथ ही उसके दिन भर के गुनाह भी माफ़ हो जायेंगे।
- एक हदीस के मुताबिक अगर कोई शख्स पाबन्दी से Yaseen Sharif पढ़ेगा उसे 20 हज करने जितना सवाब हासिल होगा।
- अगर कोई शख्स यासीन शरीफ पढ़ते पढ़ते मर जाता हैं तो उसे खुदा की तरफ से शहीद का दर्जा अता किया जाता हैं।
- हर दिन यासीन शरीफ पढ़ने वाले शख्स की अल्लाह हर ज़रूरते पूरी करता है।
- शादी में अगर रुकावट या कोई दिक्कत आ रही हैं तो रोज़ाना फज्र की नमाज़ के बाद सूरह यासीन पढ़ा जाये इंशाल्लाह जल्द ही रिश्ता हो जायेगा।
- जब कोई औरत माँ बनने वाली होती हैं तो उसे चाहिए की रोज़ाना सूरह यासीन पढ़ कर अपने ऊपर दम करे जिसकी फ़ज़ीलत से माँ और बच्चा दोनों की हिफाज़त होगी और बच्चा होते वक़्त माँ को ज़्यादा तकलीफ नहीं होगी।
- दुश्मन से हिफाज़त के लिए Surah Yaseen पढ़ा जाये जिससे दुश्मन आपके आस पास भी नहीं भटकेगा।
- कामयाबी हासिल करना चाहते हो तो पाबन्दी से सूरह यासीन पढ़ा करो इंशाअल्लाह हर काम में कामयाबी हासिल होगी।
हर मुसलमान को चाहिए की पाबन्दी से Surah Yaseen पढ़ा करें क्यूंकि सूरह यासीन आपको गुनाहो से बचाएगी कयामतमें आपको अज़ाब से बचाएगी। आपके अज़ाबो को कम करेगी और एक अच्छी ज़िन्दगी जीने की राह बताएगी।

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