क़ुरान दुनिया की पहली आसमानी किताब है जो आज तक अपनी असल हालत में मौजूद है। कुरान इस्लाम धर्म के आखिरी सन्देष्टा और पैगंबर मोहम्मद साहब पर अवतरित हुआ। यह 30 खंडों में विभाजित है इसमें 114 सूरतें हैं। आइए जानते हैं कुरान से संबंधित कुछ दिलचस्प जानकारियों के बारे में
प्रश्न 1: पवित्र कुरान की परिभाषा क्या है?
उत्तर: कुरान अल्लाह का चमत्कारी कलाम है, जो आखिरी सन्देष्टा और पैगंबर मोहम्मद (PBUH) पर अवतरित हुआ। जो सदियों से सुरक्षित हमारे पास चला आ रहा है। जिसका पढ़ना इबादत है जो सूरह अल-फातिहा से शुरू हो कर सूरह अन-निसा पर समाप्त होता है।

प्रश्न 2: कुरान को कितने नामों से जाना जाता है
उत्तर: कुरान को कई नामों से जाना जाता है। जैसे अल किताब, अल फुरकान, अल तंजील, अल-ज़िक्र, अल-नूर, अल हुदा, अल रहमा, अहसनुल हदीस, अल-वही, अल-रूह, अल-मुबीन, अल-मजीद, अल-हक़.
सवाल: कुरान करीम मखलूक है या गैर मखलूक ?
जवाब: कुरान करीम अल्लाह ताला का कलाम है मखलूक नहीं।
सवाल: क्या क़ुरआन में कोई परिवर्तन हुआ है?
जवाब: कुरान मजीद में किसी किस्म की कोई तब्दीली नहीं हुई है बल्कि यह मुकद्दस किताब उसी हालत में है जिस हालत में नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि सल्लम अपनी उम्मत के लिए छोड़ कर गए थे। इस किताब में कोई तब्दीली हो भी नहीं सकती क्योंकि अल्लाह ने इसकी हिफाजत का वादा किया है।
सवाल: जो शख्स ए कुरान मजीद में कमी या ज्यादती का अक़ीदा रखे वह कैसा है?
जो भी शख्स यह सोचे कि कुरान में कमी या बढ़ोतरी की गई है, ऐसा सोचने वाला व्यक्ति इस्लाम से खारिज़ है क्योंकि ऐसा कहना खुदा की जात पर इल्जाम लगाना है। कुरान में तब्दीली नामुमकिन है क्योंकि अल्लाह ताला ने इसकी हिफाजत का जिम्मा लिया है जिसका ज़िक्र आप सूरह अल-हिज़्र की आयत नंबर 9 में देख सकते हैं।

सवाल: कुरान में कितनी सूरतें हैं?
क़ुरान दुनिया की पहली आसमानी किताब है जो आज तक अपनी असल हालत में मौजूद है। कुरान इस्लाम धर्म के आखिरी सन्देष्टा और पैगंबर मोहम्मद साहब पर अवतरित हुआ। यह 30 खंडों में विभाजित है इसमें 114 सूरतें हैं। आइए जानते हैं कुरान से संबंधित कुछ दिलचस्प जानकारियों के बारे में
सवाल: कुरान में कितने पारे हैं?
जवाब: कुरान ए करीम में 30 पारे हैं यानी कुरान 30 भागों में विभाजित है।
सवाल: कुरान में कितने रुकू मौजूद हैं?
जवाब: अल्लाह की मुकद्दस किताब कुरान में 540 रुकू हैं।
सवाल: कुरान ए करीम में कितनी आयतें है?
जवाब: क़ुरआन करीम में 6236 आयात मौजूद है। आयतों से मिलकर रुकू बने हैं और रुकू से मिलकर पारे और 30 पारो पर पूरा कुरान में आधारित है।
सवाल: क़ुरआन में कलिमात यानी (वाक्यों) की तादाद कितनी है?
जवाब: कुरान ए करीम में कलिमात की तादाद 77439 है (शेख़ मुज़मद रज्जब की किताब “हक़ायक़ हौल-अल-क़ुरआन)

सवाल: कुरान में शब्दों की तादाद कितनी है?
जवाब: क़ुरआने करीम में हुरूफ़ यानी शब्दों की तादाद 340740 है।
सवाल: मुकद्दस किताब कुरान में कितने सजदे हैं?
जवाब: कुरान में 15 सजदे हैं।
सवाल: मक्की और मदनी सूरतों का क्या मतलब है?
जवाब: कुरान में जो आयतें या सूरतें रसूल करीम सल्लल्लाहो वाले वसल्लम पर हिजरत से पहले उतरी वो मक्की हैं और जो सूरतें हिजरत के बाद उतरी वो मदनी हैं।

सवाल: मदनी सूरतों की तादाद कितनी है?
जवाब: मदनी सूरतों की तादाद 28 है जिनके नाम निम्नलिखित हैं। सूरा अल बकरा, सूरह अल इमरान, सूरह अल निसा, सूरह ल मायदा, सूरह आल इमरान, सूरह तौबा, सूरह अल राद, सूरह अल हज, सूरह अल नूर, सूरह अल हजाब, सूरह मोहम्मद, सूरह अल फतह, सूरह अल हुजरात, सूरह रहमान, सूरह अल हदीद, सूरह अल मुजादिला, सूरह अल हश्र, सूरह अल मुमताहिना, सूरह अल सफ, सूरह अल जुमा, सूरह अल मुनाफिकून, सूरह अल तगाबुन, सूरह अल तलाक, सूरह अल तहरीम, सूरा अल इंसान, सूरह अल बय्यना, सूरह अल जुल्जिलाल, सूरा अल नसर
सवाल: मक्की सूरतों की तादाद कितनी है
जवाब: मक्की सूरतों की तादाद 86 है। ऊपर जिक्र की गई मदनी सूरतों के अलावा सारी सूरतें मक्की हैं, जिनके नाम आप कुरान में देख सकते हैं।

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