* तीन दिनों तक दरगाह परिसर में विभिन्न मजहबी कार्यक्रम
*सुन्नी इज्तेमा में देशभर से उलेमा दर्ज कराएंगे अपनी मौजूदगी
* शुक्रवार को जिलाधिकारी ने घोषित किया सरकारी अवकाश
जालना: हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक सैयद अहमद शेर सवार के 746 वें वार्षिक उर्स की तैयारियां शुरू हो चुकी है. गुरुवार 18 जनवरी से 3 दिनों तक दरगाह परिसर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. मुतवली सैयद जमील मौलाना ने कहा कि जालना जिलाधिकारी ने राज्य और जिले भर से दरगाह पर आने वाले अकीदतमंदों की सुविधा के उद्देश्य से शुक्रवार, 19 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.
* उर्स का पहला दिन 18 जनवरी गुरुवार को

18 जनवरी गुरुवार को मुख्य कार्यक्रमों में सुबह 10 बजे खत्म ए ख्वाजागान, दोपहर 1.30 बजे तिलावते कुरान, शाम 5.30 बजे खत्म ए कादरिया, नूरी महफिल, संदल पोशी के साथ कुल शरीफ होगा. इस दौरान लंगर ए गरीब नवाज का भी आयोजन होगा. रात 9:00 बजे दरगाह परिसर में नातिया प्रोग्राम का आयोजन किया गया है जिसमें मुंबई के मशहूर नातखां अहमद रजा उर्फ नूरी मियां, उस्मानाबाद के वसीम रजा हशमती और मौलाना इरशाद रजा बरकती परभणी विशेष तौर पर मौजूद रहकर पैगंबर मुहम्मद (सअ) की शान में नात पढेंगे.
* रज़ा अकादमी जिला कार्यालय का उद्घाटन
उर्स के दूसरे दिन 19 जनवरी शुक्रवार को रजा अकादमी जालना जिला कार्यालय का उद्घाटन रजा अकादमी के संस्थापक अध्यक्ष मौलाना सईद नूरी करेंगे. इसी दिन शाम 6.30 बजे लंगर ए रसूल (स.अ.) का आयोजन किया जाएगा. पैगंबर मुहम्मद (सअ) की विलादत (पैदाइश) को 1500 वर्ष पूरे होंगे. इस उपलक्ष्य में रज़ा अकादमी आगामी ईद-ए-मिलादुन्नबी तक पूरे भारत में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर रही है. जिसके तहत जालना रजा अकादमी द्वारा ईद ए मिलादुन्नबी तक हर माह के पहले सोमवार को नियमित रूप से लंगर ए रसूल (सअ) का आयोजन किया जाएगा.
* सुन्नी इज्तेमा का मार्गदर्शन मुफ्ती सलमान अजहरी करेंगे
शुक्रवार रात 9 बजे दरगाह के भव्य मैदान में अजीमोशान सुन्नी इज्तेमा का आयोजन किया गया है, इस मौके पर मुख्य वक्ता के तौर पर मौजूद मुंबई के मौलाना मुफ्ती सलमान अज़हरी तहफुज्जे नामूसे रिसालत (इश्क ए रसूल स.अ.) पर मार्गदर्शन करेंगे. नांदेड़ के हाजी तौफीक और मोहम्मद आरिफ रजवी मुंबई समेत देश-प्रदेश के उलेमा मौजूद रहेंगे. इस कार्यक्रम में मदरसा दारुल उलूम गुलशन ए कादरिया अनवारे रजा के 6 छात्रों द्वारा हिफ़्ज़ कुरान पूरा करने के चलते दस्तारबंदी (डिग्री पुरस्कार समारोह) भी होगी.
* मुए मुबारक की जियारत का मौका
शुक्रवार 19 जनवरी को शाम 7 बजे से रात 12 बजे तक अकीदतमंदो को दरगाह में इस्लाम से जुड़ी विभिन्न ऐतिहासिक चीजों की जियारत का भी मौका मिलेगा. पैगंबर मुहम्मद (सअ) के मुए मुबारक (पवित्र बाल) के साथ ही काबे का गिलाफ, पैगंबर मुहम्मद (सअ) के मजार की चादर, काबा के अंदर का संगमरमर, गुंबद ए खिजरा की मिट्टी से बनी मोहरे नबूवत, सरकार गौस ए पाक (इराक, बगदाद) मजार की चादर, हजरत सैयद अहमद शेर सवार का पवित्र कासा जिस पर ऐतलकुरसी उकेरी हुई है. इन सभी का जियारत का मौका मिलेगा. .
* मदरसे के बच्चे दिखाएंगे कराटे
मदरसे के छात्र शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए कराटे सीख रहे हैं. शुक्रवार दोपहर ये छात्र कराटे का प्रदर्शन करेंगे. इसके साथ ही मदरसे के बच्चे अपने कंप्यूटर नॉलेज से भी सभी को रूबरू कराएंगे. वहीं इज्तेमा के दौरान शाम को आलिम कोर्स सीख रहे अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बच्चे राजा एकेडमी की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी अंग्रेजी में देंगे और अपनी अरबी तालीम का मुजाहिरा पेश करेंगे.
* दो दिन तक महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा

गुरुवार और शुक्रवार को कार्यक्रमों में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, जबकि 20 जनवरी को महिलाएं दरगाह परिसर में पहुंच जियारत और अन्य कार्यक्रमों में भाग ले सकेगी.
दरगाह के मुतवल्ली सैय्यद जमीन मौलाना ने तमाल सिलासिल के सभी मशायकों, सुफियानों, मुरीदीनों, मुतवस्सलीन से बड़ी संख्या में उर्स के मौके पर आयोजित होने वाले विभिन्न मजहबी कार्यक्रमों में शामिल होने का आह्वान किया है.
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