ईद-उल-फित्र की नमाज़ कैसे अदा करें? – मुकम्मल इस्लामी तरीका
बिस्मिल्लाह हिर्रहमान निर्रहीम
अल्हम्दु लिल्लाहि वस्सलातु वस्सलामु अला रसूलिल्लाह…
1. नीयत:
“मैं दो रकअत नमाज़ ईद-उल-फ़ित्र की, वाजिब कुरबत इलल्लाह, इस इमाम के पीछे पढ़ने की नियत करता हूँ।”
2. पहली रकअत:
- तकबीर-ए-तहरीमा (अल्लाहु अकबर) कहें और हाथ बांध लें।
- फिर इमाम तीन ज़ायदा तकबीरें कहेगा – हर बार हाथ उठाकर छोड़ दें।
- फिर सूरह फातिहा और दूसरी सूरह (जैसे: सूरह अल-आला) पढ़ी जाएगी।
- फिर रुकू, सज्दा कर के दूसरी रकअत के लिए खड़े हो जाएं।
3. दूसरी रकअत:
- इमाम सूरह फातिहा और दूसरी सूरह (जैसे: सूरह अल-ग़ाशिया) पढ़ेगा।
- फिर तीन ज़ायदा तकबीरें – हर बार हाथ उठाकर छोड़ना है।
- फिर चौथी तकबीर पर रुकू में जाएं, और बाकी नमाज़ पूरी करें।
4. नमाज़ के बाद:
- इमाम दो खुतबे देगा। सुनना वाजिब है।
- एक-दूसरे को “ईद मुबारक” कहना सुन्नत है।
- सदक़ा-ए-फ़ित्र नमाज़ से पहले अदा करें।
5. सुन्नतें:
- ग़ुस्ल करना और इत्र लगाना
- मीठा खाकर (खजूर आदि) ईदगाह जाना
- तकबीर पढ़ते हुए जाना
- एक रास्ते से जाना, दूसरे से वापस आना
6. ईद की तकबीर:
अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर,
ला इलाहा इल्लल्लाहु वल्लाहु अकबर,
अल्लाहु अकबर व लिल्लाहिल हम्द
7. याद रखें:
- ना अज़ान होती है, ना इक़ामत।
- तकबीरें ज़ायदा हैं, फराइज़ का हिस्सा नहीं।
- खुतबा छोड़ना मुनासिब नहीं, ये वाजिब है।
ऐ अल्लाह! हमें रमज़ान की क़ुबूलियतों का सिला अता फ़रमा और ईद की असली खुशी नसीब फ़रमा। आमीन।
ईद मुबारक!

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