संक्षिप्त उत्तर: सूर्यास्त होने पर इफ्तार का समय शुरू होता है। अपने स्थान और आज की तारीख का भरोसेमंद स्थानीय समय देखें; किसी दूसरे शहर की समय-सारणी से रोज़ा न खोलें।
कुरआन और हदीस में इफ्तार का समय
सूरह अल-बक़रह 2:187 में रोज़े को रात तक पूरा करने का निर्देश है। सहीह बुखारी 1954 सूर्यास्त और रात के आने को रोज़ा खोलने के समय से जोड़ती है। यह यहां संक्षिप्त हिंदी समझ है; पूरा मूल पाठ दिए गए संदर्भों में पढ़ें।
सहीह बुखारी 1955 में सफर के दौरान सूर्यास्त के बाद इफ्तार का वर्णन है। सहीह बुखारी 1957 इफ्तार में जल्दी करने की तालीम देती है। इसका अर्थ सूर्यास्त से पहले रोज़ा खोलना नहीं है।
अपने शहर का सही समय कैसे देखें?
- स्थानीय मस्जिद या भरोसेमंद संस्था की रमज़ान समय-सारणी में आज की तारीख और अपना शहर जांचें।
- मोबाइल की तारीख, समय-क्षेत्र और चुना हुआ स्थान सही रखें। पुराने स्क्रीनशॉट या दूसरे शहर के फॉरवर्ड संदेश पर निर्भर न रहें।
- यदि अलग-अलग समय-सारणियों में अंतर हो या सूर्यास्त के बारे में संदेह हो, तो स्थानीय इमाम से पुष्टि करें। अनुमान के आधार पर जल्दबाजी न करें।
- सूर्यास्त की पुष्टि के बाद केवल आसमान की पूरी रोशनी खत्म होने की प्रतीक्षा करना इन हदीसों की तालीम नहीं है।
फिक्ही मत और विशेष परिस्थितियों के प्रश्न अपने योग्य स्थानीय आलिम से पूछें। यह लेख किसी व्यक्ति की खास स्थिति के लिए फतवा नहीं है।
खजूर या पानी से इफ्तार
सुनन अबू दाऊद 2356 में नमाज़ से पहले ताज़ा खजूर, उनके न होने पर सूखी खजूर, और उनके भी न होने पर पानी से इफ्तार का वर्णन मिलता है। खजूर उपलब्ध न होने पर इफ्तार को रोकना जरूरी नहीं है।
इफ्तार की दुआ और उसका संदर्भ
सुनन अबू दाऊद 2357 में रोज़ा खोलने पर यह दुआ वर्णित है। Sunnah.com पर इसकी ग्रेडिंग हसन (अल-अलबानी) दी गई है।
ذَهَبَ الظَّمَأُ وَابْتَلَّتِ الْعُرُوقُ وَثَبَتَ الْأَجْرُ إِنْ شَاءَ اللَّهُ
हिंदी भावार्थ: प्यास दूर हुई, रगें तर हुईं, और अल्लाह ने चाहा तो प्रतिफल सुनिश्चित हुआ। अरबी उच्चारण योग्य शिक्षक से सीखें; भावार्थ मूल अरबी का विकल्प नहीं है।
मूल संदर्भ
आगे पढ़ें: कुरआन की दुआएं, अरबी पाठ और हिंदी अर्थ · इस्लामी लेख
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