* महिलाओं के लिए सुन्नी इजतेमा संपन्न
जालना: जमात रजा ए मुस्तफा द्वारा आमद ए रमजान के उपलक्ष्य में मंगलवार को बुऱ्हाणनगर में महिलाओं के लिए सुन्नी इज्तेमा उत्साह के साथ संपन्न हुआ. दिन भर चले इस इज्तेमा में इस्लाम से संबंधित विविध विषयों के साथ ही लड़कियों को दुनियावी तालीम के साथ ही दिली तालीम की जरूरत पर जोर दिया गया.
इस समय अहले सुन्नत हसनिया लिलबनात की छात्राओं ने नात ए पाक, दुआएं, हदीसे, तकरीर, पेश कर अपना तालीमी मुजाहिरा पेश किया. इसके बाद प्रमुख रूप से उपस्थित आलेमा एहतेशाम आपा ने महिलाओं का मा मार्गदर्शन करते हुए इस्लाम में औरतों की अहमियत के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने पैगंबर मुहम्मद (सअ) की हदीस का हवाला देते हुए कहा की अगर मखलुख को सजदा करना जायज होता तो सबसे पहले औरतों को हुक्म मिलता की वो अपने शौहर को सजदा करें. परदे की अहमियत, वालिदैन की फ़ज़ीलत, बहन भाइयों के हुकूक, और दीने इस्लाम से जुड़े विविध मुद्दों पर रहनुमाई फरमाई. आखिर में औरतों से जुड़े मसाइल वजू, नमाज सहित अन्य विषयों पर सवालों के जवाब कुरान और हदीस की रोशनी में दिए.
इस समय हुसना आपा रजविया ने तालीमे दीन की अहमियत पर रोशनी डालते हुए दीनी तालीम हासिल करने पर जोर दिया. आलेमा शबाना आपा ने इस्तकबाल ए रमजान पर रोशनी डालते हुए माहे रजमान को इबादात में गुजारने की अपील की. आलेमा अलिमुन्नीसा अहमदी ने इज्तेमा की निजामत के साथ ही मदरसा अहले सुन्नत हसनिया लिलबनात की सालाना रिपोर्ट प्रस्तुत की. रमजान के बाद अपने बच्चीयों को मदरसे में दाखिल करने की अपील भी इस समय की गई.
सालाना इम्तिहान में कामयाब होने वाले विद्यार्थियों को इनामों से नवाजा गया. २० बच्चों ने कुरान ए पाक नाजेरा मुकम्मल किया उन्हे प्रमाणपत्र और इनाम दिए गए. दुआ सलातो सलाम के बाद इस्तेमा खत्म हुआ.

Special attention should be given to girls’ education
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