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वालिदैन को मुहब्बत की निगाहों से देखना भी इबादत है

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* जालना में ताजदारे बगदाद कॉन्फ्रेंस उत्साह के साथ संपन्न

जालना: वालिदैन को मुहब्बत की निगाहों से देखना भी इबादत है, इसलिए मां बाप के साथ अच्छा सलूक करना चाहिए. यह नसीहत उलेमा ए दीन ने जालना शहर से सटे खरपुडी स्थित हजरत सैयद अहमद शेर सवार एजुकेशन एण्ड वेलफेयर सोसायटी द्वारा संचालित दारुल उलूम रजविया लतीफिया मिस्बाह उल उलूम मदरसे में सोमवार शाम को संपन्न हुए ताजदारे बगदाद कॉन्फ्रेंस और दिनी इज्तेमा में दी.

इस समय राज्य भर से आए प्रमुख वक्ताओं ने नागरिकों का मार्गदर्शन करते हुए पैगंबर मुहम्मद (सअ)की सुन्नतों पर अमल करने की नसीहत फरमाते हुए कुरान की फजीलत को बयान किया. कुरान की फजीलत पर रोशनी डालते हुए कहा कि कुरान को अच्छे अंदाज में पढ़ना चाहिए. हाफिज कुरान की फजीलत को बयान करते हुए कहा कि एक हाफिज अपने साथ दस लोगों को जन्नत में ले जाएगा. अल्लाह ने हाफिज ए कुरान को बड़ा मर्तबा दिया है. इसलिए अपने बच्चों को दुनियावी तालीम से पहले दीनी तालीम भी हासिल कराएं. कुरान को अच्छे अंदाज में पढ़ने की नसीहत फरमाई.

इस समय सरकार गौस ए आजम (रजी)की शख्सियत, उलेमाओं की अजमत, हाफिजे कुरान बनने की फजीलत, कुरान शरीफ का याद रखना जरुरी, कुरान पढ़कर कुरान पर अमल करना जरूरी है. आदि विषयों को लेकर मार्गदर्शन किया गया. मदरसे के दो छात्रों हाफिज मोहम्मद आमिर राजा (नवादा) और हाफिज मोहम्मद अख्तर राजा (पूर्णिया) द्वारा हाफिज ए कुरान का कोर्स पूरा करने के चलते उनकी दस्तारबंदी करते हुए उनका विशेष रूप से सम्मान किया गया.

मदरसे के भव्य मैदान पर संपन्न हुए इस कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता सैयद जमील मौलाना ने की. प्रमुख मेहमान के रूप में भिवंडी के मुफ्ती फहिमुल कादरी, मुंबई के  मुफ्ती कमरुज्जमा नूरी मिस्बाही और मुफ्ती मेराज अहमद मिस्बाही नई मुंबई मौजूद थे. मौलाना जियाउर रहमान ने संचालन किया. शायरे इस्लाम आमिर रजा मुंबई भी प्रमुख रूप से उपस्थित थे. संपूर्ण उपक्रम मौलाना गुलाम जिलानी मिस्बाही की जेरे निगरानी में संपन्न हुआ.कार्यक्रम की शुरुआत तिलावते कुरान से की गई. इस समय अमीर राजा मुंबई ने नात प्रस्तुत की.

शाम को मदरसा परिसर में भव्य लंगर ए गौस ए आजम संपन्न हुआ. अकीदतमंदो ने बडी संख्या में इसका लाभ उठाया. इस कॉन्फ्रेंस को सफल बनाने के लिए हाफिज मोहम्मद रिजवान, मौलाना जियाउर रहमान, हाफिज इफ्तिखार आलम, हाफिज फैयाज अहमद, मौलाना मंजूर राजा के साथ ही शेख वाजेद, अफरोज बागबान, अजीम बागवान, मोहम्मद नदीम सहित ट्रस्ट के सदस्यों और नौजवान ए  अहले सुन्नत ने परिश्रम किया.


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Imran Siddiqui

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