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संभल मस्जिद विवाद: सर्वोच्च न्यायालय का आदेश

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संभल मस्जिद विवाद: सर्वोच्च न्यायालय ने स्थिति यथावत रखने का आदेश दिया, आगे की सुनवाई सोमवार तक स्थगित

प्रकाशित: 22 अगस्त 2025 | लेखक: विशेषज्ञ वार्ता

भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने 22 अगस्त 2025 को उत्तर प्रदेश के संभल शहर स्थित शाही जामा मस्जिद विवाद में स्थिति यथावत रखने का आदेश दिया है। न्यायालय की यह सुनवाई आगामी 25 अगस्त 2025 तक स्थगित की गई है। यह आदेश हिंदू याचिकाकर्ताओं द्वारा मस्जिद के खिलाफ दायर मुकदमे को लेकर दायर की गई चुनौती पर आया है, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 19 मई 2025 के आदेश को चुनौती दी गई थी।

विवाद की कानूनी पृष्ठभूमि

आठ हिंदू याचिकाकर्ताओं ने दावा किया था कि यह मस्जिद 1526 में एक प्राचीन मंदिर को आंशिक रूप से गिराकर बनाई गई थी, जो भगवान विष्णु के अंतिम अवतार कल्कि को समर्पित था। याचिकाकर्ता संरक्षित स्मारक तक पहुंच का अधिकार मांग रहे हैं।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस याचिका को अनुमति दी थी, जिसमें यह पाया गया कि सरकार को दिया गया नोटिस वैध था और जांच के लिए नियुक्त अधिवक्ता कमिश्नर की नियुक्ति भी न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप थी। न्यायालय ने यह माना कि धार्मिक स्थल अधिनियम के तहत याचिका को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता क्योंकि इसका उद्देश्य धार्मिक स्वरूप में बदलाव नहीं बल्कि सार्वजनिक पहुंच का अधिकार सुनिश्चित करना है।

सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामे और तर्क

सर्वोच्च न्यायालय में मस्जिद कमेटी की ओर से वरिष्ठ वकील हुजैफा अहमदी ने तर्क दिया कि यह मामला Places of Worship Act के तहत अवरुद्ध होना चाहिए। वहीं, याचिकाकर्ताओं के वकील विष्णु शंकर जैन ने बताया कि मस्जिद ASI द्वारा संरक्षित स्मारक है और Places of Worship Act इस मामले पर लागू नहीं होती। वे केवल सार्वजनिक पहुंच की मांग कर रहे हैं, न कि धार्मिक चरित्र में बदलाव।

न्यायालय ने यह भी ध्यान दिया कि एक अन्य पीठ ने स्पष्ट किया है कि ASI के संरक्षित स्मारक Places of Worship Act के दायरे में नहीं आते, और जैन से सोमवार तक उस आदेश की प्रति मांगी गई है ताकि निर्णयों में कोई विरोधाभास न हो।

आगे की कार्यवाही और संवेदनशीलता

सर्वोच्च न्यायालय ने स्थिति यथावत रखते हुए मामले की आगे की सुनवाई 25 अगस्त 2025 तक के लिए स्थगित कर दी है। इस बीच मामले को हरकत में लाने वाली सामाजिक और धार्मिक संवेदनशीलताओं को ध्यान में रखा जाएगा।

यह विवाद देश में सांस्कृतिक एवं धार्मिक धारणाओं से जुड़ा होने के कारण विशेष महत्व रखता है और न्यायालय की सतर्कता यह दर्शाती है कि संवेदनशील मामलों में निष्पक्ष और सावधानी भरा निर्णय आवश्यक है।

मामला संख्या: SLP(C) No. 21599/2025

मुकदमे का शीर्षक: Committee of Management, Jami Masjid Sambhal बनाम हरि शंकर जैन

एक व्यक्ति ने हाथ में दस्तावेज पकड़ा हुआ है, जबकि पृष्ठभूमि में एक भव्य मस्जिद है और नियमित लोग सभा में उपस्थित हैं।

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इमरान सिद्दीकी

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