९९ नामों की रौशनी
अल-मुसव्विर — रूप, शक्ल और सुंदरता देने वाला अल्लाह
AL-MUSAWWIR – The Fashioner, The Bestower of Forms
अर्थ और व्याख्या:
अल-मुसव्विर वह है जो हर चीज़ को अलग रूप, विशेषता और सुंदरता के साथ बनाता है — उसकी रचना में दोहराव नहीं, बल्कि अनोखापन है।
कुरआनी संदर्भ:
“वह अल्लाह है… अल-खालिक़, अल-बारि’, अल-मुसव्विर…”
— सूरह हश्र (59:24)
फज़ीलत और लाभ:
- “या मुसव्विर” का वज़ीफ़ा आत्म-सम्मान और आत्म-स्वीकृति देता है।
- अल्लाह की रचना में छिपी हुस्न को समझने में मदद करता है।
- अंदरूनी और बाहरी सुंदरता के तालमेल की तालीम देता है।
दुआ और ज़िक्र:
“या मुसव्विर, हस्सिन खुलुकी कमा हस्सन्त खल्की”
(ऐ रूप देने वाले! जैसे तूने मेरी सूरत को खूबसूरत बनाया, वैसे ही मेरे अख़्लाक़ को भी हुस्न दे)
ज़िंदगी में अमल:
जो अल-मुसव्विर को जानता है, वह खुद को या किसी को भी बुरा नहीं समझता। हर चेहरा, हर रंग और हर आवाज़ — अल्लाह की हुस्न भरी रचना है।
यह लेख http://www.imranjalna.com की “९९ नामों की रौशनी” श्रृंखला का हिस्सा है।

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