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रहमत और अच्छी रोज़ी की दुआ: अरबी, हिंदी अर्थ और हदीस का संदर्भ

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कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

रहमत और अच्छी रोज़ी की दुआ पढ़ते समय उसके अर्थ और स्रोत को अलग-अलग समझना उपयोगी है। नीचे पहले इस लेख में पहले से दिया सामान्य प्रार्थना-पाठ है, फिर अच्छी रोज़ी के लिए हदीस में आई एक अलग दुआ अपने संदर्भ के साथ है।

पहले प्रकाशित पाठ की पहचान

इस लेख के पुराने संस्करण में नीचे का पाठ “रमज़ान के चौथे दिन की दुआ” कहलाता था, लेकिन उसके लिए कोई मूल धार्मिक संदर्भ नहीं दिया गया था। इस संपादकीय समीक्षा में उसका चौथे दिन के लिए निर्धारित होना प्रमाणित नहीं किया गया है। इसे सामान्य प्रार्थना-पाठ के रूप में पहचानें; कुरआन की आयत या प्रमाणित नबवी हदीस न बताएं।

اللَّهُمَّ أَنْزِلْ عَلَيْنَا رَحْمَتَكَ، وَأَمْطِرْ عَلَيْنَا كَرَمَكَ، وَارْزُقْنَا الْحَلَالَ

हिंदी भावार्थ: ऐ अल्लाह! हम पर अपनी रहमत उतार, अपने करम की बारिश कर और हमें हलाल रोज़ी दे।

हदीस की अलग दुआ — इब्न माजा 925

उम्म सलमा रज़ियल्लाहु अन्हा की रिवायत में नबी ﷺ से सुबह की नमाज़ के सलाम के समय यह दुआ कहना वर्णित है:

اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ عِلْمًا نَافِعًا، وَرِزْقًا طَيِّبًا، وَعَمَلًا مُتَقَبَّلًا

हिंदी भावार्थ: ऐ अल्लाह! मैं तुझसे लाभ देने वाला ज्ञान, अच्छी और पाक रोज़ी तथा स्वीकार किया जाने वाला अमल मांगता हूं।

उच्चारण सहायता: अल्लाहुम्मा इन्नी असअलुका इल्मन नाफ़िअन, व रिज़्क़न तय्यिबन, व अमलन मुतक़ब्बलन। हिंदी लिपि अरबी की सभी ध्वनियों को नहीं दिखाती; मूल पाठ के साथ शिक्षक से सही उच्चारण सीखें।

संदर्भ: सुनन इब्न माजा 925। लिंक पर ग्रेड सहीह (दारुस्सलाम) दर्ज है। यह पहले वाले सामान्य पाठ से अलग दुआ है; रिवायत इसे रमज़ान के चौथे दिन तक सीमित नहीं करती।

अर्थ समझें और ईमानदार प्रयास करें

इस दुआ में ज्ञान, रोज़ी और अमल तीनों मांगे गए हैं। अर्थ पर विचार करते हुए सीखने, अपने काम में ईमानदारी रखने और अच्छे अमल की कोशिश करने का अभ्यास कर सकते हैं। किसी कारोबार या कमाई के धार्मिक हुक्म में संदेह हो तो उसकी पूरी जानकारी के साथ योग्य आलिम से पूछें।

इन प्रार्थनाओं को निश्चित धन, मनचाही सफलता या हर परेशानी तुरंत दूर होने की गारंटी के रूप में न पढ़ें। यहां किसी विशेष संख्या, इनाम या उपचार का दावा नहीं किया गया है।

संदर्भ सहित आगे पढ़ें


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इमरान सिद्दीकी
Imran Siddiqui is a journalist based in Jalna, Maharashtra, and district representative for Navbharat (previously with Lokmat Samachar). He edits NewsNation Online, covering Jalna, Marathwada, Maharashtra and India, and ImranJalna, covering Islamic knowledge and Muslim-world news in English, Hindi and Urdu.

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