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क़ुरान की मदद से आप गंभीर से गंभीर बीमारी से बच सकते है.

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आज दुनिया में रहने लगभग सभी लोग कोई न कोई बीमारी या सेहत से जुडी परेशानियों से जूझ रहे है। हर बीमारी के इलाज के लिए वह डॉक्टर के पास जाते है और दवाई से इलाज करवाते है। जिन दवाइयों को लेने के बाद उनको उसकी आदत हो जाती है और वह हमेशा इस तरह की दवाइयों को ही अपनी ज़िन्दगी का हिस्सा बना लेते है। कहने का मतलब उन दवाइयों के बिना फिर वह रह नहीं पाते और हर छोटी छोटी सेहत से जुडी परेशानियों के लिए दवाइयों के इस्तेमाल करते है। लेकिन क्या आप को पता है की क़ुरान की आयतों का इस्तेमाल करके भी कई बीमारीयों का इलाज किया जा सकता है? जी हाँ ये बिलकुल सच है की क़ुरान की मदद से आप गंभीर से गंभीर बीमारी से बच सकते है और अगर बीमारी हो भी गयी हो तो उससे छुटकारा पा सकते है।

पवित्र क़ुरान न सिर्फ एक किताब है बल्कि इसमें पूरी ज़िन्दगी खुशहाली से जीने के तरीके भी इसमें बताये गए है। आज हम कुछ बीमारीयों या सेहत से जुड़ी रोज़मर्रा की परेशानियों से बचने के लिए कुछ क़ुरान की दुआओं का ज़िक्र करेंगे। जिन दुआओं का इस्तेमाल करके आप काफी बीमारीयों से बच सकते है। 

क़ुरान में ऐसी कई सारी सूरह हैं जैसे सूरह अल इस्रा और सूरह अल शिफा,सूरह अल फातिहा वगैरह जिसकी मदद से आप किसी भी बीमारी से लड़ सकते हैं। चलिए हम एक एक करके कुछ बीमारीयों और सेहत से जुड़ी रोज़ की परेशानियों से बचने और उससे छुटकारा पाने के लिए कुछ इस्लामी दुआओं को बताते है।

सर दर्द से छुटकारा पाने के लिए पहली इस्लामी दुआ 

 لَّا یُصَدَّعُوۡنَ عَنْہَا وَلَا یُنۡزِفُوۡنَ

ला युसद दाऊना अनहा वला युनजिफूना

जब की आपको सर दर्द हो ये दुआ कम से कम 7 मर्तबा पढ़ कर पानी में दम करे और उस पानी को पी कर थोड़ा सा पानी जहाँ सर दर्द हो रहा है वहां उस पानी से हलकी मालिश करे। इंशा अल्लाह सर दर्द से छुटकारा मिल जायेगा। आप 7 बार या उससे ज़्यादा भी इसे पढ़ सकते हैं लेकिन कोशिश करें कम से कम 7 मर्तबा तो ज़रूर पढ़े। 

सर दर्द से छुटकारा पाने के लिए दूसरी इस्लामी दुआ 

हम आपको एक और दुआ बता रहे है जो सर दर्द के इलाज में काफी फायदेमंद है जो इस तरह है। 

أَذْهِبِ الْبَاسَ رَبَّ النَّاسِ اشْفِهِ أَنْتَ الشَّافِي لاَ شِفَاءَ إِلاَّ شِفَاؤُكَ شِفَاءً لاَ يُغَادِرُ سَقَمًا

अधहिब अल बास रब्बननास अशफीही अंता अंतशफ़ी ला शिफाआ इल्ला शिफुका शिफाअन ला युग़दीरु सकामन

ये दुआ भी सर दर्द के लिए काफी मुफ़ीद दुआ है। जब भी सर दर्द हो इस दुआ का ज़िक्र करें और पानी में दम करके वह पानी पी ले और कुछ पानी जहाँ दर्द है वहां लगा ले अल्लाह के फज़लों करम से सर्द दर्द कुछ ही देर में गायब हो जायेगा।

दिल की बीमारी से बचने और छुटकारे के लिए इस्लामी दुआ 

अगर किसी को दिल की कोई बीमारी हो गयी हैं जैसे छाती में दर्द या छाती में बेचैनी या फिर इस तरह की दिल की बीमारी से बचना चाहते हैं तो नीचे बताई गयी दुआ पढ़े और अल्लाह से दुआ मांगे। 

الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا وَتَطْمَىِٕنُّ قُلُوْبُهُمْ بِذِكْرِ اللّٰهِ ۗ اَلَا بِذِكْرِ اللّٰهِ تَطْمَىِٕنُّ الْقُلُوْبُ

अल्लज़ीना अमानुव व ततमा इन्नु कुलुबुहुम बिज़िकरिल्लाह अला बिज़िक रिल्लाहे ततमा इन्नुल क़ुलूब 

ये दुआ की बरकत से आप सीने में दर्द से छुटकारा पा सकते हैं और अपने दिल को मज़बूत बना सकते हैं। दिल की हर बीमारी इस दुआ की बरकत से दूर हो जाएगी। कोशिश करें वज़ू करके जब भी आपको वक़्त मिले इसका पाबन्दी से ज़िक्र करे जिसकी बरकत से आप दिल की हर बीमारी से बच सके।

दांत में दर्द से छुटकारे के लिए इस्लामी दुआ 

ھُوَالَّذِیْٓ اَنْشَاکُمْ وَجَعَلَ لَکُمُ السَّمْعَ وَالْاَبْصَارَوَالْاَفْءِدَۃَ قَلِیْلاًمَّاتَشْکُرُوْنَ۔

हुवल्लज़ी अंशाकुम वजअल लकुमुस्समाअ वलअबसरा वलअफ ऐदाता क़लीलम्मा तशकुरुन

जब भी आपके दांत या मसूड़ों में दर्द हो तो ये दुआ 14 मर्तबा पढ़ कर पानी में दम करके वह पानी पी लें। इंशाल्लाह दांत में दर्द से आपको छुटकारा मिल जायेगा और दांत में पनप रहे कीड़े और बीमारियां दूर हो जाएगी।

किडनी में पथरी होने पर उससे छुटकारे की इस्लामी दुआ 

जिस किसी शख्स को किडनी में पथरी हो गयी हो और वह उस पथरी के दर्द से बहुत परेशान रहता हैं तो उसे चाहिए की नीचे बताई दुआ को एक कागज़ पर लिख कर एक बोतल में पानी भरकर वह कागज़ उस पानी की बोतल में डाल दे और रोज़ उस बोतल से पानी पिए जब तक की वह पथरी निकल न जाये। इंशाल्लाह आपकी पथरी निकल जाएगी और आपको दर्द से भी छुटकारा मिल जायेगा पथरी के दर्द से छुटकारे की दुआ इस तरह हैं

 رَبُّنَا اللَّهُ الَّذِي فِي السَّمَاءِ تَقَدَّسَ اسْمُكَ أَمْرُكَ فِي السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ كَمَا رَحْمَتُكَ فِي الْأَرْضِ وَاغْفِرْ لَنَا حَوْبَنَا وَخَطَايَانَا أَنْتَ رَبُّ الطَّيِّبِينَ فَأَنْزِلْ شِفَاءً مِنْ شِفَائِكَ وَرَحْمَةً مِنْ رَحْمَتِكَ عَلَى هَذَا الْوَجَعِ

रब्बूनल्लाहुल्लाजी फिस्समाए तकददस असमुका अमरुका फिस्समाए वलअर्दे कमा रहमतुका फीलअर्दे वाग्फिरलना हुबाना वखतयाना अंता रब्बूतैना फंजील शिफाअन मिन शिफाऐका वरहमतन मिन रहमतेका अला हाज़ा अलवाजाई

ये दुआ भी सर दर्द के लिए काफी मुफ़ीद दुआ है। जब भी सर दर्द हो इस दुआ का ज़िक्र करें और पानी में दम करके वह पानी पी ले और कुछ पानी जहाँ दर्द है वहां लगा ले अल्लाह के फज़लों करम से सर्द दर्द कुछ ही देर में गायब हो जायेगा।

पेट में दर्द से छुटकारा की इस्लामी दुआ 

जिस किसी शख्स को अक्सर पेट में दर्द की शिकायत रहती हैं चाहे वह ख़राब खाने की वजह से हो या औरतों में पीरियड की वजह से हो या पेट में गैस की वजह से तो वज़ू करके एक गिलास में पानी लें और नीचे बताई दुआ को 3 मर्तबा पढ़ कर उस पानी में दम करके वह पानी पिए  इंशाल्ल्लह पेट दर्द से छुटकारा मिलेगा। दुआ इस तरह हैं 

لَا فِيهَا غَوْلٌۭ وَلَا هُمْ عَنْهَا يُنزَفُونَ 

लाफीहा गवलु वलहूम अन्हा युन्जाफुंना

चमड़ी (Skin) की बीमारी से निजात की इस्लामी दुआ 

जिस किसी शख्स को चमड़ी से जुडी कोई भी बीमारी हो जैसे फोड़े फुंसी या कोई और इन्फेक्शन तो नीचे बताई दुआ को पढ़े और अल्लाह से उससे शिफा की दुआ मांगे। इंशाल्लाह चमड़ी की बीमारी से आपकी निजात मिलेगी। ये दुआ हज़रत अय्यूब अलैहिस्सलाम पढ़ते थे। जब उनको चमड़ी से जुड़ी एक गंभीर बीमारी हो गयी थी। उन्होंने कई सालों तक इस दुआ को पढ़ा और एक दिन उनकी वह बीमारी दूर हो गयी थी। उनका उस बीमारी का किस्सा हमने हमारे पुराने ब्लॉग में बताया हैं आप जाकर पढ़ सकते है या आप उनकी बीमारी का किस्सा पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं चमड़ी की बीमारी से निजात की दुआ इस तरह हैं 

رَبَّهُ أَنِّي مَسَّنِيَ الضُّرُّ وَأَنتَ أَرْحَمُ الرَّاحِمِينَ

रब्बी अन्नी मस्सानि यददूर्रू वा अन्ता अरहामुररहीमीन

अगर इस तरह की कोई बीमारी कई इलाज के बावजूद सही नहीं हो रही हैं तो आप ये दुआ को दिल से पढ़े और अल्लाह से शिफा के लिए दुआ मांगे इंशाअल्लाह बीमारी दूर हो जाएगी यही दुआ कैंसर के मरीज़ो को भी पढ़नी चाहिए इस दुआ की बरकत से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से भी आपको शिफा मिलेगी। 

आखरी पैगाम 

हर बीमारी से बचने के लिए हमें अहतियात रखना बहुत ज़रूरी हैं जैसे की खान पान का मौसम का वगैरह। ये सभी चीज़ो के पहले ध्यान देना ज़रूरी हैं बीमारी अगर अल्लाह ने दी हैं तो उससे शिफा अता फरमाने वाला भी अल्लाह ही हैं। बस हमें ध्यान रखना हैं की हम हमारी सेहत से कोई खिलवाड़ न करें। खुद को कभी तकलीफ न दे। अल्लाह ने ये ज़िन्दगी ख़ुशी से जीने अल्लाह की इबादत करने और अच्छे काम करने के लिए दी हैं लेकिन फिर भी कुछ लोग गलत तरीको से ज़िन्दगी जीते हैं। कोई बेवजह टेंशन पाल लेता है तो कोई बिना कुछ सोचे हर कुछ खा लेता हैं। जिसके अंजाम बहुत बुरे होते हैं। टेंशन लेने से भी तरह तरह की बीमारियां बदन में पैदा हो जाती हैं और गलत खानपान से भी दिल और पेट की बीमारियां जन्म लेती हैं। 

बेहतर हैं आप पहले इन चीज़ो का ध्यान रखे। हम यह नहीं कहते की बीमार होने पर कोई दवाइयां न ले और सिर्फ इन इस्लामिक दुआओं से अपनी बीमारियों को दूर करें। जहाँ दवाई की ज़रूरत हैं वहां दवाई लेना भी जायज़ हैं। दवाइयां अगर असर नहीं कर रही या आप दवाइयां लेना नहीं चाहते तो आप इन दुआओं की मदद से उन तमाम बीमारियों का ख़ात्मा कर सकते है। ख़ैर जाते जाते यही नसीहत देंगे की अपना ध्यान रखे, अल्लाह से अपने गुनाहो की तौबा हर वक़्त करें गुनाह करने से बचे और अल्लाह की इबादत करते रहे। 

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इमरान सिद्दीकी

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