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जालना से केवल २७३ लोगों ने किया हज के लिए आवेदन

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* चिकलथाना इंबारगेशन पॉईंट को किसी ने भी नही दी तरजीह

* जनवरी के आखिरी सप्ताह में ड्रा होने की उम्मीद

जालना: इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाली हज यात्रा के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीफ १५ जनवरी तक जालना जिले से केवल २७३ लोगों ने ही आवेदन किया है. जनवरी के आखिरी सप्ताह में हज यात्रियों के चयन के लिए मुंबई में ड्रा संपन्न होने की उम्मीद है. कम लोग इच्छुक होने के पीछे का मुख्य कारण लोगों का उमराह करने पर ज्यादा जोर दिया जाना बताया जा रहा है.

इस साल हज यात्रा आवेदन प्रक्रिया ४ दिसंबर से ऑनलाइन शुरू की गई थी. लेकिन २० दिसंबर तक राज्य और देश भर से काफी कम आवेदन प्राप्त होने के कारण इसे १५ जनवरी तक बढ़ाया गया था. लेकिन इसका कोई खास असर इच्छुकों पर नजर नहीं आया. पिछले वर्ष जालना से ४११ लोगों ने हज जाने के लिए आवेदन किया था जबकि इस बार संख्या कम होकर २७३ पर ही सिमट गई.

* महाराष्ट्र की जनता ने मुंबई इंबारगेशन पॉईंट को ही दी तरजीह

गौरतलब है कि मुंबई से हज के लिए जाना अन्य इंबारगेशन पॉइंट से काफी सस्ती और सुविधाजनक होने के कारण महाराष्ट्र के इच्छुक हज यात्रियों ने मुंबई इंबारगेशन पॉइंट को ही तरजीह दी है. महाराष्ट्र से कुल २४ हजार ९३५ लोगों ने फार्म भरे है जिनमें से २२ हजार ६२८ लोगों ने मुंबई, नागपुर इंबारगेशन पॉईंट से ११३१ और चिकलथाना इंबारगेशन पॉईंट से केवल १०६ लोगों ने ही जाने की इच्छा जताई है. जबकि राज्य के करीब ८६९ लोगों ने हैदराबाद को प्रेफरेंस दिया है. जालना से जाने के इच्छुक सभी ने मुंबई को ही तरजीह दी है.

* चिकलथाना इंबारगेशन पॉईंट देश का दूसरा सबसे महंगा स्थल

बता दे की पिछले साल चिकलथाना हवाई अड्डे से जाने वालों को ८० हजार रुपए अधिक देने पडे थे. इस साल भी यहां से जाना महंगा ही था. मुंबई से जाने के लिए प्रति व्यक्ति केवल ३ लाख चार हजार खर्च है जबकि चिकलथाना से ३ लाख ८८ हजार का खर्च है. प्रति व्यक्ती ८० हजार रुपए का अतिरिक्त खर्च देने के बजाए लोग ट्रेन और प्राइवेट वाहन से मुंबई पहुंच वहां से हज जाने को तरजीह देने लगे है.

* उमराह को ही हज की इबादत समझना गलत

गौरतलब है की हज यात्रियों को सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से शहर और जिले में खादीमीन हुज्जाज हज कमेटी के सदस्य कार्य परिश्रम करते है ताकि लोग सही तरीके से हज के सभी अरकान पूरे कर सके. राज मोहम्मद तांबोली से जब पूछा गया कि इतने कम लोग हज जाने के इच्छुक क्यों है. इसपर उनका कहना रहा की महंगाई इसका मुख्य कारण तो है लेकिन लोग उमराह करने पर जोर दे रहे है उमराह केवल ८० हजार से एक लाख के बीच हो जाता है जबकि हज के लिए हज कमेटी से करीब ३ लाख १० हजार और प्राइवेट टूर्स से ६ से ७ लाख रुपए का खर्च होता है. राज मोहम्मद तांबोली ने कहा कि लोगों को अपनी सोच बदलनी होगी क्योंकि उमराह एक सुन्नत और नफील इबादत है. जबकि हज हर उस शख्स पर फर्ज है जो हज करने की ताकत रखता है. लेकिन लोग लापरवाही करने लगे है उमराह करने के बाद हज फिर कभी कर लेने वाली सोंच लोगों में नजर आ रही है. इस सोच को बदलने के लिए तथा हज के फराइज को पूरा करने में कोताही नही करने के लिए लोगों में जनजागृती निर्माण करने की जरूरत है.

* हज यात्रियों को दिया जाएगा जरूरी प्रशिक्षण

खादीमीन हुज्जाज हज कमेटी के अध्यक्ष अहमद बिन सईद चाऊस ने कहा कि हर बार की तरह इस दफा भी कमेटी द्वारा हज यात्रा पर जाने वालों को जरूरी प्रशिक्षण देने के उद्देश्य से विविध चरणों में प्रशिक्षण शिविर संपन्न करवाए जाएंगे. आवेदन फॉर्म भरने से लेकर यात्रियों के हज यात्रा पूरी कर वापस आने तक कमेटी के सदस्य परिश्रम करते है. इसके लिए मेहनत करने वालों में खादीमीन हुज्जाज हज कमेटी के अध्यक्ष अहमद बिन सईद चाऊस, शकील गाजी, मो अफजल, मो इमरान, सादीक पठान, अब्दुल हमीद, फईम खान, मुजाहिद बागवान, हाफिज शफी, मोहम्मद मुजम्मिल, हाजी मोबीन, रियाज बागवान, बाबर अंसारी, मौलाना अजगर, सैयद अतीक, शेख वसीम आदि का समावेश है.


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इमरान सिद्दीकी

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