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मजलूम फ़िलिस्तीनियों के लिए की गईं दुआएं और यहूदिया और सऊदियो के खिलाफ किया विरोध प्रदर्शन

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मुंबई: सुन्नी मस्जिद बिलाल में आल इंडिया सुन्नी जमीयत उलमा के अध्यक्ष और पीरे तरीकत रहबर ए शरियत हजरत अल्लामा मौलाना अल्हाज अल-शाह अल-सय्यद मोइनुद्दीन अशरफ अल-अशरफ अल-जिलानी साहब सज्जादा खानकाह आलिया किछोछा मुक़दसा और कायद ए मिल्लत बानी रज़ा एकेडमी अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी साहब ने शुक्रवार की नमाज के बाद बिलाल सुन्नी मस्जिद में मजलूम फिलिस्तीनियों के समर्थन में सामूहिक दुआ का आयोजन किया। इस दौरान न लेवल इज़रायल के खिलाफ बल्कि खुद को इस्लाम का ठेकेदार कहने वाली कायर सऊदी सरकार के खिलाफ भी जमकर विरोध-प्रदर्शन हुआ।

पीर ए तरीकत रहबर शरीयत हजरत अल्लामा मौलाना हजरात अल शाह अल सैयद मोइनुद्दीन अशरफ अल अशरफ अल जिलानी साहब सज्जादा खानकाह आलिया किछोछा, मुकदसा ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत उलमा के अध्यक्ष ने शुक्रवार की नमाज के बाद मजलूम फिलिस्तीनियों के लिए दुआ की। इस मौके पर मोईन अल-मशाइख ने कहा कि भारत सरकार हमेशा फिलिस्तीनी लोगों के साथ रही है और हमें उम्मीद है कि वह भविष्य में भी उनका समर्थन करती रहेगी। हमारा समर्थन मजलूम फिलिस्तीनी लोगों के साथ है। इस क्षेत्र में अमन-चैन बहाल होना चाहिए। आम नागरिकों को जिन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, उससे उन्हें राहत मिलनी चाहिए। हमास के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमारा किसी भी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है, हम सिर्फ युद्धविराम चाहते हैं ताकि आम नागरिक शांति से रह सकें। गौरतलब है कि पूरी दुनिया के मुस्लिम अपना दर्द और पीड़ा व्यक्त कर रहे हैं। लेकिन सउदी जिनकी भूमिका यहूदियों से कम नहीं है, जो अरबी होते हुए भी त्योहार के नाम पर रंग-बिरंगे जुलूसों में सज-धज कर नाच-गाना कर रहे है। ऐसे में सऊदी के लोगों को डूब मरना चाहिए।

वहीं रज़ा एकेडमी के संस्थापक, ऑल इंडिया सुन्नी जमीअतुल उलेमा के उपाध्यक्ष अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी साहब ने कहा कि हमास के बहाने अस्पतालों और नागरिकों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। फिलिस्तीनियों पर आक्रामक हमला इसराइल की क्रूरता का सबूत है। जो मानवता के विरुद्ध है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तुरंत युद्धविराम के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए। मीडिया के एक सवाल के जवाब में कि आप हमास के हमले को कैसे देखते हैं, जवाब में आपने कहा कि हमास के बहाने दस हजार नागरिक शहीद हो गए हैं और अस्पतालों को जमींदोज कर दिया गया है। क्या यही मानवता है? यह कार्यक्रम है फ़िलिस्तीन के लोगों का समर्थन और यहूदियों और सउदी की निंदा का है।

मदनपुरा के सुन्नी ग्रैंड मस्जिद के इमाम और मुफ्ती जुबैर अहमद बराकती खतीब ने उत्साहपूर्वक कहा कि इजरायल की क्रूरता और आक्रामकता अपनी आखिरी सीमा तक पहुंच गई है। इजराइलियों के साथ-साथ बेईमान सउदी लोगों का ज़मीर भी मर गया है। मौलाना खलीलुर्रहमान नूरी ने कहा कि यहूदी और सऊद चरित्र और कर्म से भाई-भाई हैं। उन्हें अपने फ़िलिस्तीनी भाई का समर्थन करना चाहिए और राहत सामग्री उपलब्ध करानी चाहिए, वह दिन दूर नहीं जब सऊद के लोगों को भी इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।


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इमरान सिद्दीकी

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