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इस्लाम में खजूर khajur से इलाज और 25 खास बाते in Hindi Treatment with dates in Islam and 25 special things in Hindi

खजूर Khajur की 25 खास इस्लाही फ़ज़ीलते और बरकते हुजूर सल्लल्लाहो अलैवसल्लम की बताई हुई in Hindi. khajur se beshumar ilaj or iske duniyawi fhayde hindi

( 1 ) अल्लाह के हबीब صلى الله عليه وسلم का फ़रमाने सिहत निशान है : ” आलिया ” ( या’नी मदीना शरीफ Madina में मस्जिदे कुबा शरीफ़ की जानिब एक जगह का नाम ) की अज्वा ( मदीना शरीफ में की सब से अज़ीम खजूर Khajur का नाम ) में हर बीमारी से शिफ़ा है । ” एक रिवायत के मुताबिक़ ” सात रोज़ तक रोज़ाना सात अज्वा खजूरें खाना जुज़ाम ( या’नी कोढ़ ) में नफ्अ देता है । ”



( 2 ) मोहम्मद मुस्तफ़ा صلى الله عليه وسلم का फ़रमाने जन्नत निशान है : अज्वा खजूर Khajur जन्नत से है , इस में ज़ह से शिफ़ा है । बुख़ारी शरीफ़ की रिवायत के मुताबिक़ जिस ने नहार मुंह अज्वा खजूर के सात दाने खा लिये उस दिन उसे जादू और ज़ह भी नुक्सान न दे सकेंगे ।



( 3 ) सय्यिदुना अबू हुरैरा से रिवायत है , खजूर Khajur खाने से कूलन्ज ( या’नी बड़ी अंतड़ी का दर्द ) नहीं होता ।

( 4 ) अल्लाह के हबीब , हबीबे लबीब صلى الله عليه وسلم का फ़रमाने सिहत निशान है : “ नहार मुंह खजूर खाओ इस से पेट के कीड़े मर जाते हैं । “



( 5 ) हज़रते सय्यिदुना रबीअ बिन खुसैम फ़रमाते हैं : ” मेरे नज़्दीक हामिला के लिये खजूर से और मरीज़ के लिये शह्द से बेहतर किसी चीज़ में शिफ़ा नहीं । ”

( 6 ) सय्यिदी मुहम्मद अहमद ज़हबी फ़रमाते हैं : ” हामिला को खजूरे Khajur खिलाने से लड़का पैदा होगा जो कि खूब सूरत बुर्दबार और नर्म मिज़ाज होगा । ”

( 7 ) जो फ़ाके ( या’नी भूक ) की वज्ह से कमजोर हो गया हो उस के लिये खजूर बहुत मुफीद है क्यूं कि येह गिज़ाइयत से भरपूर है इस के खाने से जल्द तुवानाई बहाल हो जाती है , लिहाज़ा खजूर से इफ्तार Iftar करने में येह हिक्मत भी है ।

( 8 ) रोज़े Roze में फ़ौरन बर्फ का ठन्डा पानी पी लेने से गेस , तबख़ीरे मे’दा और जिगर के वरम का सख़्त ख़तरा है , खजूर Khajur खा कर ठन्डा पानी पीने से नुक्सान का ख़तरा टल जाता है , मगर सख्त ठन्डा पानी हरगिज़ नहीं पीना चाहिये ।

( 9 ) खजूर और ककड़ी ‘ , नीज़ खजूर और तरबूज़ एक साथ खाना नबिय्ये करीम से साबित है । इस में भी हिक्मतों हैं । صلى الله عليه وسلم का कहना है कि इस से जिन्सी व जिस्मानी कमज़ोरी और दुबला पन दूर होता है । मख्खन के साथ खजूर खाना भी नबिय्ये करीम صلى الله عليه وسلم से साबित है ।

( 10 ) खजूर खाने से पुरानी कब्ज दूर होती है ।

( 11 ) दमे , दिल , गुर्दे , मसाने , पित्ते और आंतों के अमराज़ में खजूर Khajur मुफीद है । येह बल्गम ख़ारिज करती , मुंह की खुश्की दूर करती और पेशाब आवर है ।

( 12 ) दिल की बीमारी और काला मोतिया के लिये खजूर गुठली समेत कूट कर खाना मुफीद है ।

( 13 ) खजूर Khajur भिगो कर इस का पानी पी लेने से जिगर की बीमारियां दूर होती हैं । दस्त की बीमारी में भी येह पानी मुफीद है । ( रात को भिगो कर सुब्ह नहार मुंह इस का पानी पियें मगर भिगोने के लिये पानी डाल कर फ्रीज़र में न रखें

( 14 ) खजूर दूध में उबाल कर खाना बेहतरीन मुक़व्वी ( या’नी ताकत देने वाली ) गिजा है , येह गिजा बीमारी के बाद की कमजोरी दूर करने के लिये बेहद मुफीद है ।

Treatment with dates in Islam and 25 special things in Hindi

( 15 ) खजूर Kajur खाने से जख्म जल्दी भरता है ।

( 16 ) यरकान ( या’नी पीलिया ) के लिये खजूर बेहतरीन दवा है ।



( 17 ) ताज़ा पक्की खजूरे Kajur सफ़ा ( या’नी ” पित ” जिस से कै के जीए। कड़वा पानी निकलता है ) और तेज़ाबियत को ख़त्म करती हैं ।



( 18 ) खजूर Kajur की गुठलियां आग में जला कर उस का मन्जन बना लीजिये , येह दांत चमक्दार और मुंह की बदबू दूर करता है ।




( 19 ) खजूर Kajur की जली हुई गुठलियों की राख लगाने से ज़ख्म का
खून बन्द होता और ज़ख्म भर जाता है



( 20 ) खजूर Kajur की गुठलियों को आग में डाल कर धूनी लेने से बवासीर के मस्से खुश्क हो जाते हैं ।

( 21 ) खजूर Khujur के दरख़्त की जड़ों या की राख से मन्जन करना दांतों के दर्द के लिये मुफीद है , जड़ों या पत्तों को पानी में उबाल कर उस से कुल्लियां करना भी दांतों के दर्द में फाएदे मन्द है ।

( 22 ) जिसे खजूर Khujur खाने से किसी किस्म का नुक्सान होता हो वोह अनार के रस या खुश्खाश या काली मिर्च के साथ इस्ति’माल करे फाएदा होगा ।

( 23 ) अध पक्की और पुरानी खजूरे Khujur बयक वक्त ( या’नी एक ही वक्त में ) खाना नुक्सान देह है । इसी तरह खजूर के साथ अंगूर या किशमिश या मुनक्का मिला कर खाना , खजूर Khujur और इन्जीर बयक वक़्त खाना , बीमारी से उठते ही कमजोरी में ज़ियादा खजूरे Khujur खाना और आंखों की बीमारी में खजूर खाना मुज़िर या’नी नुक्सान देह है ।

( 24 ) एक वक्त में 5 तोला ( या’नी 58.32 ग्राम ) से ज़ियादा खजूरे Khujur न खाएं । पुरानी खजूर खाते वक़्त खोल कर अन्दर से देख लीजिये क्यूं कि उस में बा’ज़ अवकात सुरसुरियां ( या’नी छोटे छोटे लाल कीड़े ) होती हैं ,

लिहाज़ा साफ़ कर के खाइये । जिस खजूर Khujur में कीड़े होने का गुमान हो उसे साफ़ किये बिगैर खाना मक्रूह है । बेचने वाले चमकाने के लिये अक्सर सरसों का तेल लगा देते हैं लिहाज़ा बेहतर येह है कि खजूरें चन्द मिनट के लिये पानी में भिगो दीजिये ताकि मख्खियों की बीट और मैल कुचैल वगैरा छूट जाए फिर धो कर इस्ति’माल फ़रमाइये ।

दरख्त की पकी हुई खजूरे Date Palm ज़ियादा मुफीद होती हैं । ( मगर धोए बिगैर खजूरे बल्कि कोई सा फल और सब्जी वगैरा इस्ति’माल न करें वरना गर्दो गुबार , मख्खियों , कीड़े मकोड़ों की बीट और जरासीम कुश दवाओं के असरात पेट में जा कर बीमारियों का बाइस हो सकते हैं )

( 25 ) मदीना शरीफ Madina की खजूरों Khajur की गुठलियां मत फेंकिये , किसी अदब की जगह डाल दीजिये या दरिया बुर्द फ़रमा दीजिये , बल्कि हो सके तो सरोते से बारीक टुकड़ियां कर के या पीस कर डिबिया में डाल कर जेब में रख लीजिये और छालिया की जगह इस्ति’माल कर के इस की बरकतें लूटिये । कोई चीज़ ख्वाह दुन्या के किसी भी खित्ते की हो जब मदीना शरीफ Madina की फ़ज़ाओं में दाखिल हुई तो मदीने की हो गई । In Hindi

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Imran Siddiqui

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