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“अर-रज़्ज़ाक़ — अल्लाह जो हर मख़लूक़ की ज़रूरत पूरी करता है | ९९ नामों की रौशनी”

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९९ नामों की रौशनी

अर-रज़्ज़ाक़ — हर जीव को रोज़ी देने वाला, बिना रुकावट देने वाला रब

AR-RAZZAAQ – The Provider of Sustenance to All Creations


अर्थ और व्याख्या:

अर-रज़्ज़ाक़ वह है जो हर मख़लूक़ को उसकी ज़रूरत के मुताबिक़ रोज़ी अता करता है — बिना थके, बिना रोके, और बिना बदले की उम्मीद के।

कुरआनी संदर्भ:

“निस्संदेह अल्लाह ही है बेहतर रोज़ी देने वाला।”
— सूरह सबा (34:39)

फज़ीलत और लाभ:

  • “या रज़्ज़ाक़” का वज़ीफ़ा बरकत, रोज़ी और तवक्कुल के लिए बहुत असरदार है।
  • तंगी, डर और फिक्र को दिल से मिटाता है।
  • अल्लाह पर भरोसा मज़बूत करता है कि रोज़ी इंसानों के हाथ में नहीं, सिर्फ रब के हाथ में है।

दुआ और ज़िक्र:

“या रज़्ज़ाक़, उर्ज़ुक़नी बिघैर हिसाबिन व अजअल्नी मिनल मुतवक्किलीन”
(ऐ रज़्ज़ाक़! मुझे बगैर हिसाब के रोज़ी दे और मुझे तवक्कुल करने वालों में कर दे)

ज़िंदगी में अमल:

जो अर-रज़्ज़ाक़ को जानता है, वो मेहनत करता है मगर डरता नहीं — वो जानता है कि जो उसका है, वो अल्लाह ज़रूर पहुंचाएगा।


यह लेख http://www.imranjalna.com की “९९ नामों की रौशनी” श्रृंखला का हिस्सा है।

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इमरान सिद्दीकी

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