यह दुआ अल्लाह की रज़ा, उसके क्रोध और सज़ा से बचाव तथा कुरआन पढ़ने की तौफ़ीक़ मांगती है। नीचे अरबी पाठ, हिंदी भावार्थ और इसके प्रकाशित संग्रह का संदर्भ दिया है।
दुआ का स्रोत और दिन से संबंध
यह पाठ Al-Islam.org के “Supplications for the Month of Ramadhan” संग्रह में दूसरे दिन की दुआ के रूप में दिया है। यहां यह लिंक पाठ और संग्रह में उसकी जगह पहचानने के लिए है। इस लेख में इसकी सनद की स्वतंत्र जांच नहीं की गई है; इसे दूसरे दिन के लिए प्रमाणित नबवी सुन्नत या निश्चित सवाब वाली दुआ बताने का दावा नहीं किया गया है। धार्मिक प्रामाणिकता और अपनी परंपरा में इसके अमल के बारे में विश्वसनीय आलिम से पूछें।
अरबी पाठ
اللَّهُمَّ قَرِّبْنِي فِيهِ إِلَى مَرْضَاتِكَ وَجَنِّبْنِي فِيهِ مِنْ سَخَطِكَ وَنَقِمَاتِكَ وَوَفِّقْنِي فِيهِ لِقِرَاءَةِ آيَاتِكَ بِرَحْمَتِكَ يَا أَرْحَمَ الرَّاحِمِينَ
हिंदी भावार्थ
ऐ अल्लाह! इस दिन मुझे अपनी रज़ा के करीब कर दे, अपने क्रोध और सज़ा से दूर रख, और अपनी रहमत से अपनी आयतें पढ़ने की तौफ़ीक़ दे, ऐ सबसे बढ़कर रहम करने वाले!
उच्चारण में सहायता
अल्लाहुम्मा क़र्रिब्नी फ़ीहि इला मरज़ातिका, व जन्निब्नी फ़ीहि मिन सख़तिका व नक़मातिका, व वफ़्फ़िक्नी फ़ीहि लि-क़िराअति आयातिका, बि-रहमतिका या अरहमर-राहिमीन।
हिंदी लिपि अरबी की सभी ध्वनियों को ठीक तरह नहीं दिखाती। मूल पाठ के साथ शिक्षक या क़ारी से उच्चारण सीखें। भावार्थ अर्थ समझने की सहायता है।
अर्थ पर विचार
इस प्रार्थना के तीन विषय हैं: अल्लाह की प्रसन्नता की चाह, गलत कामों के परिणाम से बचाव और कुरआन पढ़ने की क्षमता। अर्थ समझकर पढ़ना और जीवन में अच्छे अमल की कोशिश करना उपयोगी चिंतन है; इससे किसी निश्चित परिणाम या विशेष इनाम की गारंटी नहीं निकाली गई है।
कुरआन का अलग संदर्भ
सूरह अल-अनकबूत 29:69 का संक्षिप्त हिंदी भावार्थ है: जो अल्लाह की राह में कोशिश करते हैं, उनके लिए उसकी राहों की हिदायत का वादा है; अल्लाह अच्छे काम करने वालों के साथ है। पूरी आयत और तफ़सीर लिंक पर पढ़ें। यह आयत ऊपर के दुआ-पाठ को दूसरे दिन के लिए निर्धारित करने का प्रमाण नहीं है।
संदर्भ सहित आगे पढ़ें
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