* मदरसा फैजुल कुरान का सालाना जलसा उत्साह के साथ संपन्न
जालना: आज के इस दौर में लोग अपनी सुरक्षा के बारे में परेशान है लेकिन सच्चाई यह है अगर हम अल्लाह की हिफाजत में है तो दुनिया की कोई भी ताकत हमें मिटा नही सकती. इसलिए परेशान होने और ना उम्मीद होने के बजाए हम इस्लाम की शिक्षा पर अमल करें और पांच वक्त की नमाज पाबंदी के साथ पढ़े क्योंकि जो पाबंदी से नमाज अदा करता है उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी खुद अल्लाह तआला लेता है.
यह प्रतिपादन जामिया इस्लामिया काशीफुल उलूम के सदर मौलाना नसीमुद्दीन मिफ्ताही ने सोमवार को जालना में मदरसा फैजुल कुरान के सालाना जलसे के उपलक्ष्य में मौजूद जनसमुदाय के समक्ष किया. नया जालना के मोगलाई मोहल्ले में संपन्न हुए इस जलसे में बडी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने अपनी उपस्थित दर्ज कराई थी.

मौलाना नसीमुद्दीन मिफ्ताही ने आगे कहा कि, आज के इस दौर में अपनी औलाद को दीनी तालीम देना हर मां-बाप की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है. खासकर लड़कियों को दीनी तालीम देना इसलिए भी जरुरी है क्योंकि लडकियों को दीनी तालीम सिखाना ऐसा है जैसा एक खानदान को दीन सिखाना होता है . एक लडकी की गोद में ही खानदान पलता और बढ़ता है. औरत अगर दीनदार होगी तो उनके मातहत पलने वाली औलाद भी दीनदार होगी.
* नौजवान अपना समय बर्बाद ना करें
इस समय मौलाना नसीमुद्दीन ने युवाओं से अपील करते हुए कहा की वे अपने कीमती समय को फिजूल कामों में ना डाले, मोबाईल, नशा, व्यसन से दूर रहे तथा आला शिक्षा हासिल कर एक नेक और दीनदार नागरिक बने.

कार्यक्रम की शुरुआत मौलाना जुबेर नदवी ने कुरान की तिलावत से की. अध्यक्ष के रूप में मौलाना नईम कासमी (नाजिम जामिया मिनहाज उल उलूम राजणी) उपस्थित थे. मौलाना हबीब काशफी की सरपरस्ती में कार्यक्रम संपन्न हुआ. निजामत मौलाना मोहम्मद एजाज सिराजी ने की. इस समय एड सैयद याकूब, अब्दुल मुजीब, मौलाना अब्दुल रऊफ, मौलाना मुर्तजा, हाफिज अब्दुल लतीफ, मौलाना जहीर नदवी, मौलाना उमर रामपुरी आदि उपस्थित थे.
मदरसे की छात्रा इशराह मोहसिन कुरैशी ने बेहतरीन अंदाज में नात ए पाक प्रस्तुत की. मदरसे के २५ बच्चों द्वारा नाजरा ए कुरान मुकम्मल किए जाने पर मेहमानों के हाथों उन्हें कुरान, प्रमाणपत्र और कई इनाम देकर नवाजा गया. इस समय मदरसे के बच्चों ने बेहतरीन अंदाज में अपना तालीमी मुजाहिरा पेश किया.
इस कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए मौलाना नईम कासमी ने सभी मदरसों के संचालकों से अपील करते हुए कहा की वे मदरसे में पढाने वाले मोअल्लीमीन को अच्छी तनख्वाह दे ताकि वे भी अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने में किसी से भी कम ना रहे. आभार मौलाना एजाज ने माना. कार्यक्रम को सफल बनाने में इदरीज पठान, शेख फईम, सैय्यद जावेद, अफरोज बेग, सैयद फहीम, अनवर खान, जुबेर खान, सैयद अब्दुल जब्बार के साथ ही मोहल्ले के युवाओं ने मेहनत की.

No one can destroy the one who is under the protection of Allah.
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