ImranJalna

Islamic Knowledge, Quran, Hadith and Duas in English, Hindi and Urdu.

Grand Sunni Ijtema concluded by Jamaat Raza e Mustafa Jalna Branch इस्लाम में तालीम हासिल करने के लिए उम्र की कोई पाबंदी नही – मुफ्ती ए आजम

jamat_raza_-e-_mustafa_official_logo8540839875275038480
कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

जमात रजा ए मुस्तफा द्वारा भव्य सुन्नी इजतेमा संपन्न

फ़ज़ीलत की डिग्री हासिल करने वाले मौलाना अरबाज रजा हनफी का विशेष रूप से सम्मान

जालना: आज के इस दौर में मुसलमानों के लिए बेहद जरुरी है की वो अपने आमाल और अखाईद की हिफाजत करें. दुनियावि तालीम हासिल करना भी जरूरी है लेकिन यह भी ध्यान रखा जाए की भले ही बच्चे डॉक्टर, इंजिनिय जैसे बडे बडे ओहदों पर पहुंचे लेकिन उन्हें दीन ए इस्लाम की इतनी तालीम तो जरुरत दी जाए की बाप का इंतकाल हो जाए तो बेटा खुद नमाज ए जनाजा पढा सके और अपने वालदैन को बादे इंतकाल फातेहा यानी ईसाले सवाब करते रहे. बच्चों को आला से आला दीनी और दुनियावी तालीम दो खुद भी इल्म हासिल करते रहाें क्योंकि इस्लाम में तालीम हासिल करने के लिए उम्र की कोई पाबंदी नही.

यह बात महाराष्ट्र के मुफ्ती ए आजम मुफ्ती महमूद अख्तर (मुंबई) ने जालना में जमात रजा ए मुस्तफा द्वारा सोमवार को पुरुषों के लिए बुर्हाण नगर स्थित हसनिया मस्जिद के सामने संपन्न हुए सुन्नी इज्तेमा में कहीं. उनके बयान को सुनने के लिए बड़ी संख्या में नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी.

मुफ्ती महमूद अख्तर अमजदी ने इस समय माहे रमजान की फजीलत पर रोशनी डालते हुए फरमाया की रमजान का महीना बहुत सवाब का महीना है. इसमें नफ़्ल काम का सवाब फर्ज के बराबर होता है जबकि की फर्ज का सवाब ७० फर्जों के बराबर कर दिया जाता है. आम दिनों मक्का शरीफ में एक रोजा १ लाख रोजे के बराबर है, मदीना शरीफ में एक रोजा ५० हजार रोजों के बराबर है.रमजान में ये सवाब भी कई गुना बढ जाता है. रोजा रखने से इंसान बेशुमार बीमारियों से बच जाता है. उन्होंने कहा कि, मरते दम तक इंसान को इल्मे दीन और इल्में दुनिया दोनों हासिल करते रहना चाहिए. इस दुनिया में मालो असबाब सब खत्म हो जाएगा लेकिन ईमान हमेशा काम आएगा. उन्होंने ताकीद करते हुए कहा की अकायदो आमाल पर सख्ती से अमल करों और अहले सुन्नत व जमाअत जिसे पहचान के लिए मसलके आला हजरत भी कहा जाता है, इस पर सख्ती से कायम रहो. कुछ रहे या ना रहे हमेशा इसी मसलक पर साबित कदम रहो. यही निजात का रास्ता है.

जमात रजा ए मुस्तफा द्वारा दो दिवसीय इज्तेमा के तहत सोमवार को पुरुषों के लिए संपन्न हुआ इज्तेमा मुफ्ती गुलाम नबी अमजदी की निगरानी और काजी अल्लाह बख्श अमजदी की सदारत में हुआ. इसकी शुरुआत तिलावत ए कुरान ए पाक से की गई. इस समय मदरसा अहले सुन्नत हसनिया और मदरसा जमजम आरिफ कॉलनी के छात्रों ने कुरान पाक की तिलावत, हम्द, नाते ए पाक, मनाखीब, हदीसे, उर्दू अंग्रेजी जबान में पेश फरमाते हुए तालीमी मुजाहिरा पेश किया. हाफिज व कारी अब्दुल रशीद नांदेड हस्सान रजा तहसीनी ने नात और मनकबत पेश किया. मौलाना काजी अल्लाह बख्श अमजदी ने जमात रजा ए मुस्तफा का तार्रुफ़ पेश फरमाया और जालना शाखा की खिदमत और कार्य के बारे में जानकारी दी. लोगों से जमात से जुड कर दीन और इस्लाम की सेवा का काम करने को कहा.

Grand Sunni Ijtema concluded by Jamaat Raza e Mustafa Jalna Branch

जामिया हनफिया सुन्निया मालेगांव से फजीलत की डिग्री हासिल करने वाले मौलाना अरबाज रजा हनफी का विशेष रूप से सम्मान किया गया.

इस अवसर पर हाफिज अमजद रजवी, मौलाना नौशाद अलीमी, मौलाना अरमान अलीमी, कारी अशरफ, हाफिज रेहान, हाफिज वली अहमद के साथ ही बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे. सलातो सलाम और मुफ्ती साहब की दुआ पर इज्तेमा संपन्न हुआ. इसके बाद लंगर ए गौस ए आजम तकसीम किया गया.


Discover more from ImranJalna

नवीनतम पोस्ट अपने ईमेल पर प्राप्त करने के लिए सदस्यता लें।

author avatar
इमरान सिद्दीकी

Leave a Reply

Discover more from ImranJalna

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading

Verified by MonsterInsights