आज हम आपको नमाज़ में पढ़ी जाने वाली दुआ के बारे में बताएंगे जिसे आप आसानी से याद करके अपनी हर नमाज़ में पढ़ सकते हैं और यह भी बताएंगे की नमाज़ में क्या-क्या पढ़ा जाता है और कब पढ़ा जाता है।
अच्छी बात है यह की इनमे से कई नमाज़ की दुआ पांच शब्द से भी कम है, आप इन सब नमाज़ में पढ़ने वाली दुआ को एक ही दिन में आसानी से याद कर सकते हैं। इन नमाज़ की दुआओ को हर नमाज़ में पढ़ा जाता है चाहे वो ज़ुहर की नमाज़ हो या फिर फज़र की नमाज़। (Dua to be recited in every Namaz)
नमाज़ में पढ़ने वाली दुआ
1. नमाज़ की नियत की दुआ
इन्नी वाज्जःतु वजहिया लिल्लज़ी फतरसामावाती वलअर्ज़ा हनी -फ़ो -व- वमा आना मिनल मुशरिकीन
2. तकबीर हिंदी में
अल्लाहु अकबर
3. सना दुआ
सुब्हान-कल्ला हुम्मा व बिहम्दिका व तबा-रा-कस्मुका व तआला जद्दु-का वलाइलाहा ग़ैरुक।

4.तव्वुज़
अऊज़ु बिल्लाहि मिनश शैतानिर रज़ीम
5. तस्मियाह
बिस्मिल्लाहिर रहमानिर रहीम
6. सूरह फातिहा
अल्हम्दुलिल्लहि रब्बिल आलमीन @ अर रहमा-निर-रहीम @ मालिकि यौमिद्दीन @ इय्याका न अबुदु व इय्याका नस्तईन @ इहदिनस् सिरातल मुस्तक़ीम @ सिरातल लज़ीना अन अमता अलय हिम @ गैरिल मग़दूबी अलय हिम् वलज़्ज़ाल्लीन (आमीन)।
7. सूरह फातिहा
सूरह फातिहा के बाद क़ुरान शरीफ की कोई सूरह या फिर आप चारो कुल में से किसी सूरह को पढ़ा जाता है। या फिर नमाज़ में पढ़ी जाने वाली छोटी सूरह को पढ़ सकते हैं।
8. रुकू यानी झुकने के हालत में ये तस्बीह पढ़े
सुब्हाना रब्बियल अज़ीम

9. कौमा यानी रुकू से उठने के बाद
समी अल्लाहू लिमन हमिदह
10. खड़े ही हालत (कौमा) में
रब्बना लकल हम्द

11. सज़दा की तस्बीह
सुब्हा-ना रब्बियल आला
12. सज़दा के दरमियान की दुआ
अल्लाहुम्मग्फिरली वरहमनी वहदीनी वअ-फिनी वरज़ुक-नी वज़बुर-नी वर्फा-नी

13. अत्तहिय्यात दुआ
अत्तहिय्यातु लिल्लाहि वस्सलवातु वत्तय्यिबातु अस्सलामु अलैका अय्युहन-नबिय्यु व रहमतुल्लाहि व ब-रकातुहू @ अस्सलामु अलैना व अला इबादिल्ला हिस्सालिहीन अशहदु अल्ला इला-हा इल्लल्लाहु व अशहदु अन्ना मुहम्मदन अब्दुहू व रसूलुहू।
14. दुरूद शरीफ
अल्लाहुम्मा सल्लि अला मुहम्मदिंव वअला आलि मुहम्मदिन कमा सल्लैता अला इब्राहीमा व अला आलि इब्राहि-म इन्न-क हमीदुम्मजीद । अल्लाहुम्मा बारिक अला मुहम्मदिंव व अला आलि मुहम्मदिन कमा बारकता अला इब्राहिमा व अला आलि इब्राहि-म इन्नका हमीदुम्मजीद ।
15. दुआ ए माशूरा
अल्ला हुम्मा इन्नी ज़लम्तु नफ़्सी ज़ुलमन कसीरंव वला यग़्फिरुज़-जुनूब इल्ला अन-त फ़गफ़िरली मग़-फिरतम मिन इनदिका वर-हमनी इन्नका अन्तल गफ़ुरुर्रहीम।
16. फ़र्ज़ नमाज के बाद
अल्लाहुम्मा अन्तस्सलामु व मिनकस्सलामु तबारकता या ज़ल-ज़लालि वल इकराम।

17. दुआ ए क़ुनूत
अल्लाहुम्मा इन्ना नस्तईनुका वनसतग़ फिरूका व नु’अ मिनु बिका व न तवक्कलु अलैका व नुस्नी अलैकल खैर व नश कुरुका वला नकफुरुका व नख्लऊ व नतरुकु मैंय्यफ-जुरूका @ अल्लाहुम्मा इय्याका नअबुदु व ल-क- नुसल्ली व नस्जुदु वआलैका नस्आ व नह-फिदु व नरजू रहमतका व नख्शा अज़ाबका इन्ना अज़ा-ब-क बिल क़ुफ़्फ़ारिल मुलहिक़
अगर आपको हर नमाज़ में पढ़ी जाने वाली दुआओ में कोई कमी लगती है तो आप मेहरबानी करके हमे ज़रूर बताएगा ताकि हम उस गलती को सुधार सकें और लोगो को सही तरीक़ा बता सकें। (Dua to be recited in every Namaz)
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