जालना: हिंदुस्तान की मिट्टी में अल्लाह तआला ने अमन व भाईचारा रखा है. नफरत के जो बादल मंडरा रहे है वो छट जाएंगे और हमारा मुल्क अमन का गहवारा बनेगा. यह प्रतिपादन सफा बैतूल माल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा मिबंर व मेहराब फाउंडेशन इंडिया के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना गयास अहमद रशादी ने शुक्रवार को जुमा के नमाज के पहले मामा चौक स्थित बिलाल मस्जिद में लोगों का मार्गदर्शन करते हुए किया.
मिबंर व मेहराब फाउंडेशन इंडिया द्वारा मुल्क के मौजूदा हालातों को लेकर किए जाने वाले १५ कामों के बारे में प्रचार प्रसार करने के उद्देश्य से देशभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है. इसी के तहत जालना में मौलाना गयास अहमद ने शुक्रवार को अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई. वे दो दिन तक शहर और जिले में विविध सभाओं को संबोधित करेंगे.
उन्होंने आगे कहा कि, मुसलमान अल्लाह की रहमत से मायूस होने वालों को नही कहते है, अल्लाह तआला ने सब्र और नमाज़ से मदद हासिल करने को कहा है और उन्ही के लिए दुनिया व आख़िरत में अल्लाह की तरफ से इनामात का ऐलान है. उन्होंने कहा कि इस्लाम की तारीख में कई आंधियां आई, कई तुफान उठे लेकिन मुसलमानों ने जब जब इस्तेक़ामत (जमे रहना) के साथ दामन ए इस्लाम को थामा तो कामयाबियों ने उनके कदम चुमे और उनका जवाल उरुज में तब्दील हुआ. Allah Almighty has kept peace and brotherhood in the soil of India – Maulana Ghiyas Ahmed
मौलाना गयास अहमद ने नागरिकों से कहा कि मौजूदा हालात में मायूस होने और घबराने की जरुरत नही है बल्कि सुस्ती और गफलत की चादर को उतारकर आजम हौसले के साथ खुद भी बेदार (जागृत) रहना है और मिल्लत को भी बेदार रखना है. इस समय बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे.

* शनिवार २४ फरवरी को दो कार्यक्रमों का आयोजन
शनिवार २४ फरवरी को जालना शहर में दो मुख्य कार्यक्रम होंगे. सुबह ८ बजे से दोपहर १२.३० बजे तक नरीमन नगर स्थित हमजा मस्जिद में जिले भर के इमाम, उलेमा, मुअल्लीमों के लिए विशेष कार्यशाला संपन्न होगी. इस समय मौलाना गयास अहमद रशादी के साथ ही प्रदेशाध्यक्ष मौलाना अनीसुर्रहमान और मराठवाड़ा के मुख्य काझी मुफ्ती अब्दुल रहमान विशेष रूप से उपस्थित रहकर अलग अलग विषयों को लेकर जानकारी देंगे. शनिवार को ही शाम को मगरिब की नमाज के बाद रेलवे स्टेशन मस्जिद में विशेष सभा होगी.
विविध उपक्रम सफा बैतुल माल के जिलाध्यक्ष मौलाना रईस मिल्ली की निगरानी में चल रहे है. इन उपक्रमों को सफल बनाने के लिए मुफ्ती फहीम, मुफ्ती फारुख, मुफ्ती सोहेल, मुफ्ती यूसुफ, मौलाना सलीम, मौलाना अकबर, मौलाना मुख्तार, हाफिज जुबेर, हाफिज वसीम, हाफिज एजाज, मौलाना अरशद, सरदार खान. अहमद बिन सईद चाऊस बदरुद्दीन कादरी आदि मेहनत कर रहे है. इन कार्यक्रमों में नागरिकों को बडी संख्या में उपस्थित रहने का आह्वान किया गया है.

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