*फिलिस्तीनी साहस और अल्लाह की मदद से इजरायली सेना को जवाब दे रहे हैं
मुंबई – रविवार सुबह 11 बजे ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत उलेमा के कार्यालय में फिलिस्तीन की दुर्दशा पर एक बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता और संचालन ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत उलेमा के उपाध्यक्ष अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने किया. इसमें बड़ी संख्या में उलेमाओं और इमामों ने हिस्सा लिया. इस बीच, अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने अफसोस जताया और कहा कि गाजा में युद्ध शुरू हुए तीन महीने हो गए हैं और अभी तक युद्ध विराम का कोई संकेत नहीं है. अत्याचारी इजरायलियों ने फिलिस्तीन के लोगों पर अत्याचार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है, फिर भी फिलिस्तीनी साहस और अल्लाह की मदद से इजरायली सेना को जवाब दे रहे हैं. फिलिस्तीन के इतने लंबे समय तक जंग में टिके रहने से दुनिया हैरान है. कम से कम अब तो इजराइल को अपनी करतूत पर शर्म आनी चाहिए.


मस्जिद कुबा के खतीब इमाम हजरत अल्लामा मौलाना अमानुल्लाह रजा ने कहा कि कोई भी विश्व संगठन खासकर संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीन के लिए कुछ नहीं कर रहा है. इस युद्ध का मुख्य दोषी अमेरिका है क्योंकि संयुक्त राष्ट्र पूरी तरह से अमेरिका के इशारे पर काम कर रहा है.
ऑल इंडिया सुन्नी जामिया उलेमा के सचिव हजरत अल्लामा मौलाना खलीलुर्रहमान नूरी ने कहा कि आज गाजा में हालात बेहद खराब है, हर तरफ तबाही दिख रही है. मस्जिदों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों को नष्ट कर दिया गया है. हमारी मांग है कि इन्हें जल्द बनाया जाए.

हजरत मुफ्ती इब्राहिम ने कहा कि फिलिस्तीनी वर्तमान में इमाम हुसैन की सुन्नत पर अमल कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लोगों को मुसलमानों की हमदर्दी से प्रोत्साहन मिल रहा है.
तहरीक दुरूद सलाम के संस्थापक हजरत अल्लामा मौलाना अब्बास रिजवी ने कहा कि दुनिया के 57 मुस्लिम देश मूकदर्शक बने हैं, किसी ने कुछ नहीं किया. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में जाने की तैयारी कौन कर रहा है?

विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान डॉ. अनवर बगदादी ने अफसोस जताते हुए कहा कि हम फिलिस्तीन के लोगों के लिए कुछ नहीं कर सकते, कम से कम उनके लिए दुआ तो कर ही सकते हैं. हमारी दुआएं व्यर्थ नहीं जाएगी. और हम शांतिपूर्वक विरोध करेंगे. हमारा विरोध फिलिस्तीन के लिए राजनीतिक लाभ हासिल करेगा और इजराइल के लिए अपमान का कारण बनेगा.

नैरोबी के मौलाना हाफिज और कारी शफ़ी साहब ने एक हदीस सुनाई कि अल्लाह के रसूल, पैगंबर मुहम्मद (सअ) ने कहा है कि क़यामत के दिन तक एक समूह बनता रहेगा जो मस्जिद अल-अक्सा की रक्षा करना जारी रखेगा.
इस समय ऑल इंडिया सुन्नी जमीयत उलेमा के विश्व प्रसिद्ध इस्लामिक विद्वान डॉ अनवर बगदादी, मौलाना हाफिज, कारी शफी साहब और हजरत अल्लामा मौलाना फ़ोरोगुल क़ादरी को शॉल भेंट किए गए. बैठक में कई विद्वानों ने भाग लिया, विशेष रूप से दारुल उलूम हनीफा रजविया कलाबा के हाफिज और कारी नियाज अहमद साहब, रसूल मस्जिद के हाफिज और कारी गुलजार अहमद साहब, दारुल उलूम हाजी आदम के हाफिज और कारी नाजिम साहब, हाफिज और कारी नियाज अहमद साहब, मौलाना आरिफ साहब , हाफिज और कारी शहजाद साहब, मौलाना फखरुद्दीन साहब रिजवी, जनाब नाजिम खान साहब, जनाब बरकत भाई साहब मौजूद रहे.



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