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मरीजों का ख्याल रखने का हुक्म देता है इस्लाम

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* पयामे इंसानियत फोरम द्वारा ३०० मरीजों को दिया गया नाश्ता


जालना: इस्लाम में बीमार लोगों के साथ हमदर्दी दिखाने और उनकी देखभाल करने के बारे में बताया गया है. इस्लाम में हुक्म है कि अगर कोई शख्स बीमार है, तो उसे देखने जाओ और उसका हाल-चाल पूछो. अगर आपको लगे कि बीमार शख्स के पास दवा खरीदने के पैसे नहीं हैं तो उसे पैसे दो. अगर बीमार शख्स पैसे लेने से मना करता है, तो उसे दवा लाकर दो या दवा का इंतजाम कर दो. मरीज की देखरेख करने वाले शख्स से अल्लाह बहुत खुश होता है.


फोटो पयामे इंसानियत फोरम द्वारा रविवार को सरकारी अस्पताल में मरीजों को नाश्ता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके साथ समय बिताया गया


यह प्रतिपादन पयामे इंसानियत फोरम के अध्यक्ष मुफ्ती इलियास खान ने किया. रविवार को फोरम की ओर से शहर के मुख्य सरकारी अस्पताल के साथ ही गांधी चमन स्थित महिला अस्पताल में विशेष अभियान चलाते हुए करीब ३०० मरीजों को भरपूर भोजन उपलब्ध करवाते हुए उनके साथ समय बिताया गया.मुख्य सरकारी अस्पताल में पयामे इनसानियत फोरम की बाईज विंग ने तथा महिला सरकारी अस्पताल में गर्ल्स विंग ने पहुंच इस कार्य को अंजाम दिया.


इस समय मुफ्ती इलियास खान ने बीमार लोगों की देखरेख पर हदीस का जिक्र करते हुए कहा कि, एक हदीस में बीमार के बारे में बताया गया है कि “हजरत अबू हुरैरा (र.) कहते हैं कि अल्लाह के रसूल (स.) ने बताया: कयामत के दिन अल्लाह एक आदमी से कहेगा: ऐ आदम के बेटे! मैं बीमार पड़ा था, तो तू मेरी इयादत (हाल-चाल पूछने) के लिए नहीं आया. वह कहेगा: ऐ मेरे रब! तेरी इयादत को कैसे आता, तू तो सारे संसार का पालनहार है. अल्लाह कहेगा: क्यों तुझे पता नहीं था मेरा फलां बंदा बीमार पड़ा था, मगर तू उसका हाल-चाल मालूम करने नहीं गया था? क्या तुझे पता न था कि यदि तू उसका हाल-चाल मालूम करने जाता तो मुझे उसके पास पाता.” (हदीस: मुस्लिम)

मुफ्ती इलियास ने कहा कि, इस्लाम में बताया गया है कि तुम मरीज की देखभाल करो, भूखे को खाना खिलाओ और बेकसूर कैदियों को छुड़ाने का इंतजाम करो. इस्लाम में बीमार गैर-मुस्लिमों का हालचाल पूछने का जिक्र है. जब भी कोई आपका करीबी दोस्त, जानने वाला गैर-मुस्लिम शख्स बीमार हो तो उसका हाल-चाल पूछो. इस्लाम में बताया गया है कि बीमार का हाल-चाल पूछा जाए. उसके पास बैठा जाए. शोर शराबा न किया जाए. इस्लाम में ये भी बताया गया है कि बीमार शख्स से नफरत न की जाए, न ही उसे हिकारत की नजर से देखा जाए, बल्कि उससे हमदर्दी रखी जाए और उसकी देखभाल की जाए. इसके साथ ही बीमार के पास बैठकर उसकी बीमारी को लेकर कोई भी नकारात्मक बात न की जाए. उसे किसी बात से ठेस न पहुंचे इस बात का ख़ास ख्याल रखा जाए.


इस पूरे उपक्रम को सफल बनाने के लिए ऑल इंडिया पयामे इंसानियत फोरम के अध्यक्ष मुफ्ती इलियास खान, सैयद अहमद, सैयद अकील, शेख अनसार, मुसा पटेल, सुफियान मनसूरी,शेख फैजान, सलीम कच्छी, अजीम खान, जुबेर बावला सहित अन्य ने परिश्रम किया.


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इमरान सिद्दीकी
Imran Siddiqui is a journalist based in Jalna, Maharashtra, and district representative for Navbharat (previously with Lokmat Samachar). He edits NewsNation Online, covering Jalna, Marathwada, Maharashtra and India, and ImranJalna, covering Islamic knowledge and Muslim-world news in English, Hindi and Urdu.

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