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आवेदन प्रक्रिया निशुल्क करने के बावजूद बहुत कम लोग कमेटी के जरिए हज पर जाने के इच्छुक 

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कंप्यूटर द्वारा तैयार हिंदी ऑडियो

* समय सीमा 15 जनवरी तक बढ़ाई गई

* पिछले वर्ष की तुलना में आवेदन कम हुए

जालना: केंद्रीय हज समिति ने हज यात्रा पर जाने के इच्छुक नागरिकों को रियायत प्रदान करते हुए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 जनवरी तक बढ़ा दी है. इस बार देशभर से अपेक्षाकृत कम संख्या में आवेदन मिलने के कारण अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है. इसमें खास बात यह है कि भले ही इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से नि:शुल्क रखी गई है लेकिन इसके बावजूद कम आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसके पीछे का कारण हज कमेटी के जरिए कम सुविधाओं का उपलब्ध होना बताया जा रहा है जबकि प्राइवेट टूर्स से जाने वालों के लिए टूर्स संचालक कई सुविधाएं प्रदान कर रहे है. 

हर बार जालना जिले से लगभग 500 से 600 लोग केंद्रीय हज कमेटी के जरिए यात्रा पर जाने के लिए आवेदन करते हैं, जिनमें से लगभग 250 से 300 लोग अलग-अलग कोटा में शामिल होते हैं, लेकिन इस बार अब तक 200 से भी कम आवेदन प्राप्त हुए हैं. जालना में विभिन्न कमिटीयों के अलावा लोगों ने अपने स्तर पर भी ऑनलाइन फॉर्म भरा है लेकिन इसके बावजूद संख्या काफी कम है.

खादिमीन हुज्जाज हज कमेटी के अध्यक्ष अहमद बिन सईद चाऊस ने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया चार दिसंबर से शुरू कर 20 दिसंबर आखिरी तारीख घोषित की गई थी. बुधवार को सेंट्रल हज कमेटी ने सर्कुलर जारी कर इसे 15 जनवरी तक बढ़ा दिया है. हज यात्रा पर जाने के इच्छुक नागरिकों से आवश्यक दस्तावेजों के साथ हमजा मस्जिद, नरीमन नगर स्थित खादिमीन हुज्जाज हज कमेटी कार्यालय में संपर्क कर आवेदन भरने की अपील की गई है. ग्रामीण क्षेत्रों में भी समिति द्वारा तहसील स्तर पर इसकी सुविधा उपलब्ध करायी गयी है.

* रहनुमा ए हज कमेटी की ओर से भी सुविधाएं दी जा रही हैं

जालना में रहनुमा हज कमेटी ने भी इच्छुक हज यात्रियों के लिए नया जालना की बड़ी मस्जिद स्थित मुख्य कायार्लय के साथ ही ग्रामीण इलाकों में भी सुविधा उपलब्ध कराई है.  कमेटी के अध्यक्ष हाजी शेख शकील और सचिव शेख विखारोद्दी ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार 50 प्रतिशत से भी कम आवेदन प्राप्त होने के कारण समय सीमा बढ़ाई गयी है. उन्होंने कहा कि पहले सरकार आवेदन के लिए 300 रुपये लेती थी लेकिन इस बार प्रक्रिया पूरी तरह नि:शुल्क होने के बावजूद आवेदन कम आये हैं.

बताया जा रहा है कि पिछले साल (हज-2023) में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और भारतीय हज कमेटी के कथित कुप्रबंधन के कारण हुई समस्याओं के कारण लोग 2024 में हज कमेटी के जरिए हज यात्रा पर जाने से कतरा रहे हैं. मराठवाड़ा के कई इच्छुक नागरिकों ने पिछली बार चिकलथाना हवाई अड्डे के इम्बारकेशन पॉईंट से हज पर जाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन  इस हवाई अड्डे से यात्रा लागत 88 हजार रुपये बढ़ गई थी जो मुंबई की तुलना में बहुत अधिक थी. इस बार भी चिकलथाना से जाने वालों को अतिरिक्त कीमत चुकानी पड़ेगी.

जबकि केंद्रीय हज कमेटी द्वारा यात्रा सुविधाओं में भी कटौती करने की बात कही जा रही है. वहीं निजी टूर्स से जाना पहले से ज्यादा आसान हो चुका है और टूर्स संचालक कई सुविधाएं भी उपलब्ध करवा रहे है. लेकिन निजी टूर्स से जाने वाले यात्रियों के साथ कई बार धोखा होने जैसी कई घटनाएं भी हुई है. जानकारों की मानें तो केंद्रीय हज कमेटी के जरिए ही हज यात्रा करना अधिक सुरक्षित होता है इसलिए यात्रियों को इसी दिशा में कोशिशें करनी चाहिए. 


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इमरान सिद्दीकी

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