मुंबई मदनपुरा। मदनपुरा की सुन्नी बड़ी मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद इजराइल और फिलिस्तीन के बीच युद्धविराम और मजलूम फिलिस्तीनीयों के लिए विशेष दुआ का आयोजन किया गया। मुफ्ती सलमान अज़हरी ने जुम्मे की नमाज के बाद मजलूम फिलिस्तीनियों की गैब से मदद और घायलों के इलाज, अल अक्सा की हिफाजत के लिए विशेष दुआ की। इस विशेष दुआ में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

दुआ के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए रज़ा एकेडमी के संस्थापक अल्हाज मुहम्मद सईद नूरी ने कहा कि हमारा समर्थन मजलूम फिलिस्तीनियों के साथ है, हमने इस क्षेत्र में शांति की बहाली के लिए दुआ का आयोजन किया। आम लोगों को जिन समस्याओं से जूझना पड़ रहा है, उससे उन्हें राहत मिलनी चाहिए। हम सिर्फ युद्धविराम चाहते हैं ताकि आम फिलिस्तीनी शांति से रह सकें।

इसके साथ ही उन्होने भारत में फिलिस्तीनीयों के समर्थन में हो रहे विरोध-प्रदर्शन के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि यदि कोई शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और कोई कार्यक्रम आयोजित करता है और मजलूम फिलिस्तीनीयों का समर्थन करता है, तो उस पर मुक़दमा नहीं दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि इस्लामिक जगत को इजरायली और अमेरिकी उत्पादों का बहिष्कार करके फिलिस्तीनियों के प्रति सहानुभूति दिखानी चाहिए।
उन्होने अनुरोध किया कि सभी देशों को इजरायल और फिलिस्तीन के बीच युद्धविराम के लिए प्रयास करना चाहिए। उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और कहा कि इजरायल गाजा पर बमबारी करके निर्दोष नागरिकों को मार रहा है, जो मानवता का उल्लंघन है।

नूरी साहब ने ये भी कहा कि फ़िलिस्तीनी पर आक्रामक हमला इज़रायल की क्रूरता का प्रमाण है, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को तुरंत युद्धविराम के लिए कड़े कदम उठाने चाहिए।
मीडियाकर्मी के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारा विशेष दुआ का आयोजन मजलूम फिलिस्तीनियों के प्रति सहानुभूति दिखाने के लिए था। हम वहां जाकर व्यावहारिक सहानुभूति तो नहीं पेश कर सकते, लेकिन हम उनके लिए दुआ तो कर सकते हैं, इसलिए आज हम यहां मदनपुरा में सुन्नी बड़ी मस्जिद में विशेष दुआ करने के लिए एकत्र हुए हैं।


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