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रजा अकादमी सूफी संतों के मिशन को आगे बढ़ा रही है- सईद नूरी

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*मदरसे के बच्चों के कराटे हुनर ने सभी को किया हैरान

*दरगाह राजा बाग शेर सवार उर्स में अकीदतमंदों का सैलाब

*लंगर ए रसूल (सअ) का आयोजन पूरे साल किया जाएगा

जालना: सूफी-संतों ने हमेशा आपसी एकता, भाईचारा, सौहार्द, जरूरतमंदों की सेवा को महत्व दिया है. हर धर्म और जाति के लोग पूरी आस्था के साथ सूफी संतों के दर पर पहुंचते हैं. आज देश को सूफी संतों के संदेश पर अमल करने की सबसे ज्यादा जरूरत है. रज़ा अकादमी देशभर में यह काम करके सूफी-संतों के मिशन को आगे बढ़ा रही है.राजा अकादमी संस्था देशभर में जरूरतमंदों के लिए एक सेवा संगठन है. चाहे प्राकृतिक आपदा हो या कोई अन्य समस्या जिससे लोग परेशान हों, हर मौके पर रजा अकादमी लोगों की मदद के लिए तैयार रहती है.  वर्ष 2025 में पैगंबर मुहम्मद (सअ) के विलादत (पैदाइश)का 1500 वां वर्ष होगा. इस खुशी के मौके पर देशभर में लंगर ए रसूल (सअ) का आयोजन तो हो ही रहा है.  बीमार लोगों को निःशुल्क दवा उपलब्ध कराने का कार्य भी पूरे वर्ष जारी रहेगा.

फोटो शुक्रवार को उर्स के मौके पर मदरसे के बच्चों ने दरगाह परिसर में कराटे के करतब दिखाए उनके इस हुनर को देखकर सभी हैरान रह गए

यह प्रतिपादन रजा अकादमी के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद सईद नूरी ने किया. वे जालना में  दरगाह  सैयद अहमद शेर सावर के उर्स के मौके पर  पहुंचे थे.  उनके द्वारा दरगाह परिसर में रजा अकादमी के जिला कार्यालय का उद्घाटन किया गया. उन्होंने अपने विचार व्यक्त करते हुए रजा अकादमी के कार्यों की जानकारी दी. इस समय दरगाह के मुतवल्ली सैयद जमील मौलाना, मौलाना अब्बास रजवी, मौलाना अब्दुल रहमान जियाई, अहमद रजा नूरीमिया, युसुफभाई मेमन, हाजी अब्दुल अजीज मामदानी,  मुनव्वर खान लाला, फिरोज बागवान आदि मौजूद थे.

फोटो शुक्रवार को जालना में रजा अकादमी के जिला कार्यालय का उद्घाटन संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद सईद नूरी के हाथों किया गया इस समय जमील मौलाना मुनव्वर खान लाला आदि मौजूद थे

*मदरसे के बच्चों की कराटे कुशलता और कंप्यूटर ज्ञान देखकर हर कोई हैरान रह गया

दरगाह के मुतवल्ली सैयद जमील मौलाना ने कहा कि मदरसा दारुल उलूम गुलशन-ए कादरी अनवार ए रजा के छात्र अरबी तालीम में महारत हासिल कर ही रहे हैं. उन्हें शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाने के उद्देश्य से कराटे भी सिखाया जाता है. इतना ही नहीं, छात्र तकनीकी दुनिया से भी खुद को अपडेट कर रहे हैं. दरगाह में चल रहे कंप्यूटर सेंटर में इन्हें कंप्यूटर से जुड़ी ट्रेनिंग भी दी जाती है. अरबी के साथ-साथ छात्र अंग्रेजी, गणित और विज्ञान में भी पारंगत हो रहे है.  मदरसे के विद्यार्थियों ने जब दरगाह परिसर में  कराटे का प्रदर्शन किया तो हर कोई उनके हुनर ​​से मंत्रमुग्ध हो गया.

* मुए मुबारक की जियारत का सभी को मिला मौका

उर्स के मौके पर शुक्रवार की शाम अकीदतमंदो को दरगाह परिसर  में मुए  मुबारक के साथ इस्लाम से जुड़ी कई ऐतिहासिक वस्तुओं की जियारत का भी मौका मिला. लोगों ने कतारबद्ध होकर जियारत की.

* लंगर ए रसूल (सअ) का आयोजन साल भर होगा

5 सितंबर 2025 को पैगंबर मुहम्मद (सअ) की विलादत (पैदाइश) को 1500 साल पूरे हो जाएंगे. इस अवसर पर पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे. रज़ा अकादमी जालना द्वारा प्रत्येक माह के प्रथम सोमवार को लंगर ए रसूल (सअ)का भी आयोजन किया जायेगा. इसकी शुरुआत उर्स के मौके पर   शुक्रवार शाम को की गई. इस समय बडी संख्या में लोगों ने लंगर का लाभ उठाया.  


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इमरान सिद्दीकी

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