The virtue of praying, Arabic prayer and its Hindi meaning
dua maangane kee phazeelat, arabee dua aur usaka hindee arth
दुआ माँगने की फज़ीलत
दुआ एक ऐसा अमल है जो इंसान को अल्लाह के करीब लाता है और उसकी रहमतों से नवाज़ता है। यह सिर्फ़ एक माँगने का तरीका नहीं, बल्कि इबादत का अहम हिस्सा भी है। इस्लाम में दुआ की बहुत अहमियत बताई गई है और यह बताया गया है कि बंदा जब भी दिल से अल्लाह को पुकारता है, तो अल्लाह उसकी दुआ सुनता है और उसे बेहतरीन इनाम से नवाजता है।
दुआ की अहमियत
दुआ सिर्फ़ मुश्किल वक्त में ही नहीं, बल्कि हर हाल में माँगनी चाहिए। कुरआन और हदीस में दुआ की फज़ीलत को खासतौर पर बयान किया गया है।
1. अल्लाह की रहमत का ज़रिया – अल्लाह तआला कुरआन में फरमाता है:
“और जब मेरे बंदे तुमसे मेरे बारे में पूछें तो (कह दो कि) मैं क़रीब हूँ। मैं पुकारने वाले की पुकार सुनता हूँ जब वह मुझे पुकारता है।” (सूरह अल-बक़रह: 186)
यानी जब भी कोई सच्चे दिल से अल्लाह को पुकारे, तो वह उसकी पुकार को ज़रूर सुनता है।
2. सबसे बड़ी इबादत – रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया:
“दुआ इबादत का सार है।” (तिर्मिज़ी)
इसका मतलब यह है कि जब इंसान अल्लाह से दुआ करता है, तो वह अपनी बेबसी और अल्लाह की कुदरत को मान रहा होता है, जो खुद इबादत का एक अहम पहलू है।
3. मुसीबतों का हल – इंसान की जिंदगी में कई तरह की परेशानियां आती हैं। कभी बीमारी, कभी आर्थिक तंगी, कभी ग़म, कभी डर। इन सभी मुश्किलों का हल अल्लाह से सच्चे दिल से दुआ माँगने में है।
दुआ माँगने का सही तरीका
- खालिस नीयत से – दुआ माँगते वक्त नीयत साफ़ होनी चाहिए और दिल से अल्लाह पर भरोसा रखना चाहिए।
- अल्लाह की हम्दो-सना से शुरुआत – पहले अल्लाह की तारीफ़ करें, उसके बाद रसूलुल्लाह (स.अ.व) पर दुरूद भेजें और फिर अपनी दुआ माँगें।
- गुनाहों की माफी माँगें – दुआ के दौरान अपने गुनाहों की माफी माँगें और तौबा करें।
- यकीन के साथ माँगें – दुआ माँगते वक्त पूरा यकीन रखें कि अल्लाह ज़रूर सुन रहा है और वह हमें सबसे बेहतरीन चीज़ देगा।
कब और कहाँ दुआ ज़्यादा क़ुबूल होती है?
कुछ ऐसे खास मौके होते हैं जब दुआ की क़बूलियत के ज्यादा आसार होते हैं, जैसे:
- तहज्जुद के वक्त – रात के आखिरी पहर में की गई दुआ खास तौर पर कबूल होती है।
- जुमा के दिन – यह दिन बरकतों का दिन है और इस दिन की गई दुआ की क़ुबूलियत की ज़्यादा उम्मीद होती है।
- अज़ान और इक़ामत के बीच – इस समय दुआ करना बहुत फज़ीलत वाला माना गया है।
- सजदे में – सजदे की हालत में इंसान अल्लाह के सबसे करीब होता है, इसलिए इस वक्त की गई दुआ बहुत असरदार होती है।
निष्कर्ष
दुआ माँगना सिर्फ़ कोई रस्म नहीं, बल्कि एक मजबूत यकीन का इज़हार है। यह इंसान को अल्लाह की रहमतों से जोड़ता है और उसकी मुश्किलों को हल करता है। इसीलिए हमें हर हाल में, हर खुशी और हर ग़म में, हर जरूरत और हर परेशानी में सिर्फ़ अल्लाह से ही दुआ माँगनी चाहिए। अल्लाह हम सबकी दुआओं को क़ुबूल फरमाए, आमीन!

अरबी दुआ और उसका हिंदी अर्थ
1. रोज़ाना की आम दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْعَافِيَةَ فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ
हिंदी अर्थ:
“ऐ अल्लाह! मैं तुझसे दुनिया और आखिरत में आफियत (भलाई और सलामती) का सवाल करता हूँ।”
2. तकलीफ और परेशानी में पढ़ने की दुआ
اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا وَأَنْتَ تَجْعَلُ الْحَزْنَ إِذَا شِئْتَ سَهْلًا
हिंदी अर्थ:
“ऐ अल्लाह! कोई चीज़ आसान नहीं है, मगर वही जो तू आसान बना दे, और जब तू चाहे तो मुश्किल को भी आसान कर सकता है।”
3. बीमारी से शिफ़ा पाने की दुआ
اللَّهُمَّ اشْفِ مَرَضَانَا وَمَرْضَى الْمُسْلِمِينَ
हिंदी अर्थ:
“ऐ अल्लाह! हमारे बीमारों और सभी मुसलमानों के बीमारों को शिफ़ा अता फरमा।”
4. माफी और रहमत की दुआ
اللَّهُمَّ إِنَّكَ عَفُوٌّ تُحِبُّ الْعَفْوَ فَاعْفُ عَنِّي
हिंदी अर्थ:
“ऐ अल्लाह! तू बड़ा माफ़ करने वाला है और तू माफ़ करना पसंद करता है, मुझे भी माफ़ फरमा।”
5. सफर में हिफ़ाज़त की दुआ
سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ وَإِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ
हिंदी अर्थ:
“पाक है वह (अल्लाह), जिसने हमारे लिए इसे (सवारी को) वशीभूत किया, वरना हम इसे काबू में करने वाले न थे, और हमें अपने रब की ओर लौटना है।”
6. रोज़ी और बरकत के लिए दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ رِزْقًا طَيِّبًا وَعَمَلًا مُتَقَبَّلًا
हिंदी अर्थ:
“ऐ अल्लाह! मैं तुझसे पाक रोज़ी और कबूल होने वाले अमल का सवाल करता हूँ।”
7. ग़म और चिंता दूर करने की दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ وَأَعُوذُ بِكَ مِنَ الْعَجْزِ وَالْكَسَلِ
हिंदी अर्थ:
“ऐ अल्लाह! मैं तुझसे चिंता और ग़म से पनाह माँगता हूँ, और मैं तुझसे कमजोरी और सुस्ती से भी पनाह माँगता हूँ।”
8. बुरी नज़र और बुरे असर से बचने की दुआ
أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ
हिंदी अर्थ:
“मैं अल्लाह के मुकम्मल (तमाम) कलिमात की पनाह चाहता हूँ उसकी हर मखलूक के शर (बुराई) से।”
9. बच्चों के लिए हिफ़ाज़त की दुआ
أُعِيذُكَ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لَامَّةٍ
हिंदी अर्थ:
“मैं तुझे अल्लाह के मुकम्मल कलिमों की पनाह में देता हूँ, हर शैतान, ज़हरीले जानवर और हर नुकसान देने वाली नज़र से।”
10. इमान और नेक अमल की दुआ
اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ الصَّالِحِينَ
हिंदी अर्थ:
“ऐ अल्लाह! मुझे नेक बंदों में शामिल कर दे।”
निष्कर्ष
ये तमाम दुआएं हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में बहुत अहमियत रखती हैं। हमें हर हाल में अल्लाह से दुआ करते रहना चाहिए, क्योंकि दुआ ही वह ज़रिया है जिससे हम अपने रब से मदद और रहमत हासिल कर सकते हैं। अल्लाह हम सबकी दुआएं क़ुबूल फरमाए, आमीन!
1. रोज़ाना की आम दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ الْعَافِيَةَ فِي الدُّنْيَا وَالْآخِرَةِ
Pronunciation :
“Allahumma inni as’aluKa al-‘aafiyata fid-dunya wal-ākhirah”
2. तकलीफ और परेशानी में पढ़ने की दुआ
اللَّهُمَّ لَا سَهْلَ إِلَّا مَا جَعَلْتَهُ سَهْلًا وَأَنْتَ تَجْعَلُ الْحَزْنَ إِذَا شِئْتَ سَهْلًا
Pronunciation :
“Allahumma la sahla illa ma ja’altahu sahlan wa anta taj’alu al-hazna iza shi’ta sahlan”
3. बीमारी से शिफ़ा पाने की दुआ
اللَّهُمَّ اشْفِ مَرَضَانَا وَمَرْضَى الْمُسْلِمِينَ
Pronunciation :
“Allahumma ashfi maradana wa marad al-muslimeen”
4. माफी और रहमत की दुआ
اللَّهُمَّ إِنَّكَ عَفُوٌّ تُحِبُّ الْعَفْوَ فَاعْفُ عَنِّي
Pronunciation :
“Allahumma innaka ‘afuwwun tuhibbul ‘afwa fa’fu anni”
5. सफर में हिफ़ाज़त की दुआ
سُبْحَانَ الَّذِي سَخَّرَ لَنَا هَذَا وَمَا كُنَّا لَهُ مُقْرِنِينَ وَإِنَّا إِلَىٰ رَبِّنَا لَمُنقَلِبُونَ
Pronunciation :
“Subhana alladhi sakhkhara lana haza wama kunna lahu muqrineen wa inna ila rabbina lamunqaliboon”
6. रोज़ी और बरकत के लिए दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَسْأَلُكَ رِزْقًا طَيِّبًا وَعَمَلًا مُتَقَبَّلًا
Pronunciation :
“Allahumma inni as’aluKa rizqan tayyiban wa ‘amalan mutaqabbalan”
7. ग़म और चिंता दूर करने की दुआ
اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنَ الْهَمِّ وَالْحَزَنِ وَأَعُوذُ بِكَ مِنَ الْعَجْزِ وَالْكَسَلِ
Pronunciation:
“Allahumma inni a’udhu bika min al-hammi wal-hazani wa a’udhu bika min al-azzi wal-kasal”
8. बुरी नज़र और बुरे असर से बचने की दुआ
أَعُوذُ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّاتِ مِنْ شَرِّ مَا خَلَقَ
Pronunciation :
“A’udhu bikalimatillahi at-tammati min sharri ma khalaq”
9. बच्चों के लिए हिफ़ाज़त की दुआ
أُعِيذُكَ بِكَلِمَاتِ اللَّهِ التَّامَّةِ مِنْ كُلِّ شَيْطَانٍ وَهَامَّةٍ وَمِنْ كُلِّ عَيْنٍ لَامَّةٍ
Pronunciation :
“U’izuKa bikalimatillahi at-tammati min kulli shaitanin wa hammatin wa min kulli ‘aynin lāmmah”
10. इमान और नेक अमल की दुआ
اللَّهُمَّ اجْعَلْنِي مِنَ الصَّالِحِينَ
Pronunciation :
“Allahumma ajilni mina as-saliheen”
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